विधि संवाददाता, लखनऊ। बहुचर्चित इलाहाबाद बैंक धोखाधड़ी मामले में विशेष न्यायाधीश सीबीआइ (सेंट्रल) रवीन्द्र कुमार द्विवेदी ने राजेश बोथरा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। सीबीआइ के लोक अभियोजक विनीत कुमार द्वारा न्यायालय को बताया गया कि मामला मेसर्स रोटोमैक एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों विक्रम कोठारी व राहुल कोठारी से जुड़ा है, जिन पर इलाहाबाद बैंक से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।
इस मामले में इलाहाबाद बैंक के डीजीएम अमरजीत सिंह द्वारा शिकायत के आधार पर सीबीआइ ने 19 फरवरी 2020 को धोखाधडी का मामला दर्ज किया था।
सीबीआइ की जांच में सामने आया कि कंपनी ने विदेशी व्यापार के नाम पर ऋण सुविधा का दुरुपयोग किया और लगभग 36.84 करोड़ रुपये की बैंक को हानि पहुंचाई। उसी मामले के सहआरोपित राजेश बोथरा भी है जो हांगकांग स्थित मेसर्स गल्फ डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के निदेशक हैं।
सीबीआइ ने अपनी विवेचना में पाया गया कि आरोपित ने अन्य सह-अभियुक्तों के साथ मिलकर बैंक द्वारा प्राप्त ऋण को कपटपूर्वक अपने लाभ के लिए स्थानांतरण किया। अभियोजन द्वारा यह भी बताया गया कि घोटाले के आरोपित बोथरा सिंगापुर के नागरिक हैं तथा यदि उन्हें जमानत दी जाती है तो उनके विदेश फरार होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभियुक्त की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। |
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