यह कदम 2014 की बाढ़ के बाद से कमजोर तटबंधों को लेकर लोगों की चिंताओं को दूर करेगा। फाइल फोटो।
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। श्रीनगर में झेलम नदी के किनारे बसे स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी राहत की बात है कि सरकार ने लाल चौक निर्वाचन क्षेत्र में झेलम के तटबंधों को मजबूत करने के लिए सिंचाई और नदी पुनर्स्थापन सहायता योजना (आईआरआरएसएस) के तहत नए कार्यों को मंजूरी दे दी है।
प्रशासन के इस कदम ने श्रीनगर के बटवारा, शिवपोरा, गोलपोरा और पंथा चौक के निवासियों ने मंजूरी का स्वागत किया। इन परियोजनाओं से मानसून के मौसम से जुड़ी वार्षिक चिंता कम होगी। अधिकांश कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है।
लाल चौक के विधायक अहसान परदेसी ने कहा, मैं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को उनके विकासोन्मुखी दृष्टिकोण के लिए और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री जावेद राणा और विभाग के इंजीनियरों को समय पर कार्रवाई के लिए धन्यवाद देता हूं।
जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद
ये कार्य बाढ़ सुरक्षा को मजबूत करेंगे और लाल चौक और आसपास के क्षेत्रों के लिए स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।अधिकांश कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है।
बता देते हैं कि र्व 20214 में घाटी में आए विनाशकारी बाढ़ के चलते झेलम नही के तटबंध कई स्थानों पर ढह गए थे जिसके कारण कई स्थानों पर झेलम का पानी आवासीय बसितियों में घुस आया था। हालांकि उस विनाशकारी बाढ़ के बाद से अगरचे स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए झेलम के कई तटबंधों की मरम्मत की थी।
अलबत्ता झेलम किनारे रहने वाले लोगों लगातार शिकायत कर रहे थे कि कई स्थानों पर झेलम के तटबंध अभी भी कमजोर है जिससे उन के सिरों पर हर समय खतरा मंडराया रहता है। लोगों की इन शिकायतों का संज्ञान ले प्रशासन ने झेलम के टतबंधों को मजबूत करने का फैसला किया है। |
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