शनिदेव को कैसे प्रसन्न करें?
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में शमी के पौधे की पूजा की जाती है। यह पौधा न्याय के देवता शनिदेव को बेहद प्रिय है। कहते हैं कि शनिदेव को शमी के पत्ते अर्पित करने से व्यक्ति विशेष की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही सुख और सौभाग्य में भी वृद्धि होती है। इसके अलावा, करियर और कारोबार को भी नया आयाम मिलता है।
देवों के देव महादेव को शमी के पत्ते अर्पित करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। इसके पत्ते भगवान गणेश को भी चढ़ाया जाता है। इस पौधे को लगाने से घर में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है। लेकिन क्या आपको पता है कि शमी का पौधा कब और किस दिशा में लगाना चाहिए? आइए, इसके बारे में सबकुछ जानते हैं-
भगवान राम ने की पूजा
सनातन शास्त्रों में निहित है कि त्रेता युग में युद्ध में रावण पर विजय पाने (परास्त करने के लिए) के लिए भगवान श्रीराम ने विजयादशमी के दिन शमी के पौधे की पूजा की थी। इसके बाद रावण से युद्ध किया था। इस युद्ध में भगवान श्रीराम को विजय मिली थी। इस दिन भगवान राम ने दशानन रावण का वध कर देवी मां सीता को मुक्त कराया था। कालांतर से शमी के पौधे की पूजा की जाती है। दशहरा के दिन शमी के पौधे की विशेष पूजा की जाती है। वहीं, साधक शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनिवार के दिन (Auspicious Day for Shami Tree) शमी के पौधे की पूजा करते हैं।
कब लगाएं शमी का पौधा?
ज्योतिषियों की मानें तो शनिवार के दिन शमी का पौधा लगाना बेहद शुभ होता है। शनिवार के दिन इसे लगाने से घर में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है। वहीं, उत्तर दिशा में शमी का पौधा (Shami Plant Vastu Direction) लगाना उत्तम माना जाता है। इसके अलावा, आप ज्योतिष की भी सलाह ले सकते हैं। कहते हैं कि जिन जातकों के घर पर शमी का पौधा होता है, उन पर शनिदेव की कृपा (Shani Dosha Remedies) अवश्य ही बरसती है। साथ ही साधक की हर मनोकामना शनिदेव की कृपा से पूरी होती है।
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