जागरण संवाददाता, मेरठ। बदलते परिवेश में मांग के अनुरूप शिक्षण व शिक्षा पद्धति को बदलने के लिए ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रविधानों को प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) ने उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुख और कौशल आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
विद्यार्थियों को अब डिजिटल एग्रीकल्चर से लेकर फारेंसिक साइंस जैसे विषयों को पढ़ाया जाएगा जिससे वह आत्मनिर्भर भारक की अपेक्षाओं के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें और 2047 के विकसित भारत लक्ष्य को पूरा करने में योगदान भी कर सकें।
विश्वविद्यालय की विद्वत परिषद के सदस्यों ने सर्वसम्मति से शैक्षिक सत्र 2026-27 से नौ नए पाठ्यक्रमों के संचालन का निर्णय लिया है। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, उद्योग की आवश्यकताओं और व्यावहारिक कौशल से जोड़ना है।
प्रस्तावित पाठ्यक्रमों में बीसीए, बैचलर इन होटल् मैनेजमेंट, बीएससी-फारेंसिक साइंस, बीएससी-एग्रीकल्चर आनर्स, बीटेक अग्रहकल्चर को अपडेट कर बीटेक डिजिटल एग्रीकल्चर, बीटेक रोबोटिक्स एंड एआइ, पीजी इन म्यूजिक, बी-वोक एयरलाइन टूरिज्म एंड हास्पिटैलिटी मैनेजमेंट और बी-वोक मेडिकल लैब एंड मालिक्युलर डायग्नोस्टिक टेक्नोलाजी शामिल हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, ये कोर्स राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप हैं, जिनमें बहु-विषयक अध्ययन, स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री-रेडी शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है।
बढ़ाएं जाएंगे संसाधन और नियुक्त होंगे शिक्षक भी
उक्त नए पाठ्यक्रमों को शुरू करने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से शिक्षकों की नियुक्ति, इन्फ्रास्ट्रक्चर और लैब संसाधनों को विकसित किया जाएगा। विश्वविद्यालय के बजट में इनके लिए प्रविधान किया जाएगा जिससे इन विषयों को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके। इसके साथ ही सीसीएसयू परिसर में संचालित सर छोटूराम इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी में संचालित बीटेक पाठ्यक्रम की सभी शाखाओं में वेल्यू एंडेड कोर्स शुरू होंगे।
इन नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत से सीसीएसयू के विद्यार्थियों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए भी बेहतर रूप से तैयार हो सकेंगे। यह पहल विश्वविद्यालय को आधुनिक, कौशल-समृद्ध और छात्र-केंद्रित शिक्षा के केंद्र के रूप में और मजबूत करेगी.
छात्रों के लिए यह हैं प्रमुख लाभ
- रोजगार के बेहतर अवसर डिजिटल एग्रीकल्चर, रोबोटिक्स व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे कोर्स छात्रों को उभरते तकनीकी क्षेत्रों में करियर के नए द्वार खोलेंगे।
- कौशल आधारित शिक्षा : बी-वोक और होटल मैनेजमेंट जैसे पाठ्यक्रम सीधे उद्योग की जरूरतों से जुड़े हैं, जिससे छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ेगी।
- अनुसंधान व नवाचार को बढ़ावा : फारेंसिक साइंस और एग्रीकल्चर आनर्स जैसे कोर्स शोध और उच्च अध्ययन के लिए मजबूत आधार प्रदान करेंगे।
- सांस्कृतिक एवं रचनात्मक विकास : पीजी इन म्यूजिक जैसे पाठ्यक्रम कला और संस्कृति के क्षेत्र में पेशेवर अवसर उपलब्ध कराएंगे।
- स्वास्थ्य व सेवा क्षेत्र में करियर : मेडिकल लैब व मालिक्युलर डायग्नोस्टिक टेक्नोलाजी जैसे कोर्स स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करेंगे।
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