एक्शन मोड में पटना के DM; 7 प्रखंडों के सीओ, बीएओ और राजस्वकर्मियों का वेतन रोका
जागरण संवाददाता, पटना। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने जिले की 322 पंचायतों में आयोजित ईकेवाईसी सह फार्मर रजिस्ट्री विशेष कैंप के कार्यों की दूसरे दिन बुधवार की शाम समीक्षा की। इसमें उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गुरुवार तक हर प्रखंड में कम से कम 500-500 समेत सभी 23 प्रखंडों में 12 हजार या इससे अधिक फार्मर आईडी बन जाने चाहिए। इसके लिए सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी व अंचल अधिकारी तेजी से कार्य करें।
किसानों को सुगमता से सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की इस पहल में लापरवाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। समीक्षा के क्रम में उन्होंने धनरूआ, फुलवारी, पंडारक, नौबतपुर व मोकामा में हो रहे बेहतर कार्य के लिए वहां के अधिकारियों की सराहना की तो लापरवाह सात प्रखंडों के अधिकारियों पर कार्रवाई की।
संपतचक, दानापुर सह खगौल, मनेर, दुल्हिनबाजार, बख्तियारपुर, पटना ग्रामीण व दनियावां में फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही के कारण यहां के अंचल अधिकारियों, प्रखंड कृषि पदाधिकारियों व राजस्व कर्मचारियों का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि इनके कार्यों में सुधार नहीं हुआ तो अनुशासनात्मक व दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
एसडीओ व कृषि पदाधिकारियों को सख्त निर्देश:
डीएम ने बताया कि शिविरों में जिला कृषि पदाधिकारी ने हर पंचायत के लिए कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, सहायक तकनीकी प्रबंधकों व प्रखंड तकनीकी प्रबंधकों को टैग किया है। इनके सफल आयोजन के लिए प्रखंडवार नोडल पदाधिकारी बनाए गए हैं। अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के अंचल अधिकारियों से समन्वय कर शिविरों के लिए राजस्व संबंधी आवश्यक कार्य सुचारू रूप से कराने का निर्देश दिया गया है।
जिला कृषि पदाधिकारी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि पंचायतों में कैंप मोड में किसानों के ई-केवाईसी का कार्य किया जाए। बंदोबस्त पदाधिकारी व जिला पंचायत राज पदाधिकारी को गुरुवार को कैंप शुरू होने से पहले सभी कर्मियों को संबंधित अंचल अधिकारियों के समक्ष योगदान सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
डीएम ने कहा कि कैंप में खराब प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों अंचलों के प्रखंड कृषि पदाधिकारियों व अंचल अधिकारियों से संयुक्त रूप से स्पष्टीकरण किया जाएगा। उन्होंने माइकिंग समेत अन्य माध्यम से किसानों को जागरूक करने का भी निर्देश दिया ताकि अधिक से अधिक लोग कैंप का लाभ उठा सकें।
हेल्पलाइन नंबर जारी, एक फोन पर समाधान:
सरकार ने किसानों की सहायता के लिए कृषि विभाग का हेल्पलाइन नंबर 18001801551 व राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का हेल्पलाइन नंबर 18003456215 जारी किया है। डीएम ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य समय पर पूरा किया जाएगा।
किसान किसी भी समस्या के समाधान के लिए इन हेल्पलाइन नंबरों पर जिला कृषि पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक या किसान सलाहकार से संपर्क कर सकते हैं। किसान सलाहकारों, कृषि समन्वयकों व हल्का कर्मचारियों को किसानों को कैंप में हर तरह की सहायता देने को निर्देशित किया गया है।
फार्मर आईडी के कई लाभ:
डीएम ने कहा कि फार्मर आईडी का उद्देश्य बहुआयामी है। हर किसान की एकीकृत डिजिटल पहचान तैयार करने के साथ-साथ उन्हें कृषि विभाग की योजनाओं से जोड़ना व लाभों की पहुंच आसान करना इसका इसका उद्देश्य है।
कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं विशेषकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल सहायता योजना इत्यादि का सहज लाभ प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री (किसानों की डिजिटल पहचान) आईडी आवश्यक है।
इससे किसानों के लिए संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी। 9 जनवरी तक विशेष कैंप में इसे बनवाया जा सकता है। इसके लिए किसानों को अपने साथ भूमि से संबंधित दस्तावेज (स्वयं के नाम की आनलाइन जमाबंदी), आधार कार्ड व मोबाइल नंबर ही लाना होगा। |