search

किशनगंज के 53 राजस्व गांवों से गुजरेगा गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे, 526 किलोमीटर लंबी है सड़क

deltin33 2026-1-7 18:26:51 views 565
  

किशनगंज के 53 राजस्व गांवों से गुजरेगा गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे (प्रतीकात्मक तस्वीर)



बीरबल महतो, ठाकुरगंज (किशनगंज)। सीमांचल और कोसी क्षेत्र के विकास को नई गति देने वाली गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे परियोजना किशनगंज जिले के 53 राजस्व गांवों सहित लगभग डेढ़ सौ छोटे-बड़े गांवों से होकर गुजरेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत जिले में करीब 55 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सप्रेस-वे बनेगा। जिससे न सिर्फ आवागमन सुदृढ़ होगा बल्कि क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और सामरिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।

ठाकुरगंज अंचल के जिन 29 मौजों की भूमि इस परियोजना से लाभांवित होगी। उनमें बेसरबाटी, कुकुरबाघी, पथरिया, नेजागछ, गोथरा, कनकपुर, गिद्धिनगोला, अदरागुड़ी, दूधमंजर, दोगच्छी, नुनियाटारी, भोगडाबर, छैतल, रूईधासा, बहादुरपुर, अमलझाड़ी, जिरनगछ, खारूदह, कुंजीमारी, गंभीरगढ़, करूआमनी, कुरीमनी, बरचौंदी, सरायकुड़ी, काठारो आदि शामिल हैं।

वहीं, बहादुरगंज के 24 राजस्व ग्राम - डाबर, लोहिया कान्दर, कुम्हारडोली, डाला, मोहिउद्दीनपुर, अल्तावाड़ी, सुखानी, चन्दरगांव, लौचा, झिंगाकाटा, झिंगाकाटा इस्तमरार, दहगांव, वैसा, तेघरिया, वैसा जुरैल, भौंरादह, कोइमरी, गुणा चौरासी, गुंजरमारी, सरन्डा, धोकरपाट, गुजरमारी, जरैल, चनुआ तथा गुणा एवं टेढ़ागाछ 06 राजस्व ग्राम- देउरी खास, घनी फुलसरा, महुआ, गिलहनी, मियांपुर तथा मियांपुर में शामिल है।
526 किमी लंबी है सड़क

एक्सप्रेस-वे सिलीगुड़ी से शुरू होकर कोसी और सीमांचल के विभिन्न जिलों से गुजरते हुए गोरखपुर तक जाएगी। कुल 526 किलोमीटर लंबी यह सड़क बिहार के सीमावर्ती जिलों के लिए विशेष महत्व रखती है। सुपौल, अररिया होते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे किशनगंज पहुंचेगी।

यह जिला संवेदनशील माना जाता है। जिस कारण आपात स्थिति में प्रशासन, सुरक्षा बलों और आपदा प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प साबित होगी।


जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अभिषेक आशीष ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा किशनगंज जिले के अंतर्गत आने वाले 53 मौजा (राजस्व गांवों) की सूची उपलब्ध करा दी गई है। इसी के आधार पर अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। भूमि अधिग्रहण का कार्य पारदर्शी एवं नियमों के अनुरूप किया जाएगा, ताकि रैयतों को समय पर उचित मुआवजा मिल सके।

व्यापार, उद्योग, कृषि विपणन और रोजगार के नए अवसर होंगे सृजित

एक्सप्रेस-वे के निर्माण से जिले में व्यापार, उद्योग, कृषि विपणन और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मालवाहन सुगम होने से स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही पर्यटन की दृष्टि से भी किशनगंज और आसपास के इलाकों को बढ़ावा मिलेगा।

बताते चलें कि इस एक्सप्रेस वे को फिलहाल 4 लेन में विकसित किया जा रहा है, जिसे आगे जरूरत के अनुसार 6 लेन तक विस्तारित किया जाएगा। करीब 32,000 करोड़ की लागत से ईपीसी माडल (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) पर तैयार हो रही यह परियोजना वर्ष 2028 तक पूरी होने का लक्ष्य रखा गया है।

वर्तमान में किशनगंज जिले से दो राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरता हैं। गोरखपुर–सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद यह जिले का तीसरा राष्ट्रीय राजमार्ग होगा। इससे एक ओर जहां पूर्वोत्तर भारत का सीमांचल, मिथिलांचल और पूर्वांचल से सीधा और तेज जुड़ाव स्थापित होगा, वहीं दूसरी ओर जिले की रणनीतिक महत्ता भी और मजबूत होगी।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
476821