पलवल पुलिस ने भ्रूण के अवैध लिंग परीक्षण के एक पुराने मामले में चार साल से फरार चल रहे मुख्य आरोपी इकरामुद्दीन उर्फ समीर को गिरफ्तार कर लिया है।
जागरण संवाददाता, पलवल। पलवल जिले में पुलिस ने भ्रूण का अवैध लिंग परीक्षण करने के एक पुराने मामले में चार साल बाद फरार चल रहे मुख्य आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान बल्लभगढ़ निवासी इकरामुद्दीन उर्फ समीर के रूप में हुई है, जिसे पलवल क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया। उसे कोर्ट में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस मामले में चार अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सीआईए पलवल के इंचार्ज इंस्पेक्टर रविंदर कुमार ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार था और उसे पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी।
सीआईए इंचार्ज के अनुसार, यह मामला 20 फरवरी, 2021 का है, जब जिला कलेक्टर और सिविल सर्जन को सूचना मिली थी कि कुछ लोग गर्भवती महिलाओं को अवैध लिंग परीक्षण के लिए पलवल से दिल्ली और उत्तर प्रदेश ले जा रहे हैं। वे इस सेवा के लिए प्रति महिला 40,000 से 50,000 रुपये ले रहे थे।
नोडल अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की PNDT टीम ने एक गर्भवती महिला को मोहरा बनाकर जाल बिछाया। सौदा तय होने के बाद, आरोपी ने पलवल में आगरा चौक के पास 40,000 रुपये लिए। इसके बाद टीम ने मौके पर छापा मारा और प्रवीण, ओमबीर, रवि उर्फ रविंदर और करतार को रंगे हाथों पकड़ लिया।
मौके से लिंग परीक्षण में इस्तेमाल होने वाली एक संदिग्ध अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद की गई। पूछताछ में पता चला कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध गतिविधि में शामिल थे और पहले भी कई महिलाओं का टेस्ट कर चुके थे। आरोपी के मोबाइल फोन की चैट हिस्ट्री में महिलाओं के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज मिले।
आरोपी ओमबीर ने बताया कि उसने उत्तर प्रदेश के दादरी में एक नर्सिंग होम में इकरामुद्दीन उर्फ समीर के जरिए महिलाओं के लिंग परीक्षण की व्यवस्था की थी। क्राइम ब्रांच इंचार्ज ने कहा कि गिरोह के सभी सदस्यों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई कन्या भ्रूण हत्या को रोकने और PC-PNDT एक्ट को सख्ती से लागू करने के प्रयासों का हिस्सा है। |
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