पुलिसकर्मी निलंबित (प्रतीकात्मक चित्र)
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। शहर के पुरानी छावनी क्षेत्र से 11 नवंबर को लापता हुई किशोरी को खोजने में नाकामयाब एसआइ देशराज सिंह और प्रधान आरक्षक श्रीप्रकाश शर्मा को कोर्ट की फटकार के बाद निलंबित कर दिया गया। कोर्ट ने इनके बर्ताव पर नाराजगी जताई थी।
यह है मामला
एसआई कोर्ट में बगैर नेम प्लेट लगाए पहुंच गए। वहीं, प्रधान आरक्षक से रोजनामचा के बारे में जानकारी मांगने पर उन्होंने जेब से मोबाइल फोन निकालना शुरू कर दिया। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए एसएसपी धर्मवीर सिंह को तलब कर लिया। एसएसपी ने एसआइ देशराज सिंह और प्रधान आरक्षक श्रीप्रकाश शर्मा को निलंबित उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं।
दरअसल, लापता किशोरी का कोई पता नहीं चलने के बाद उसके स्वजन ने कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई थी। उनका कहना है कि किशोरी को मुकेश धानुक अगवा करके ले गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले की जांच में लापरवाही बरत रही है।
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मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जब एसआई से नेम प्लेट के बारे में पूछा तो एसआई अपनी जैकेट की चेन खोलकर दिखाने लग गए। इस पर कोर्ट सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि कोर्ट में आने के दौरान वर्दी प्रोटोकॉल का पालन किया जाना अनिवार्य है। इसके बाद रोजनामचा के बारे में पूछा तो विवेचक ने अपना मोबाइल निकाल लिया। उनके इस बर्ताव पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। इसके बाद एसएसपी धर्मवीर सिंह को कोर्ट में तलब कर लिया। करीब 15 मिनट तक एसएसपी कोर्ट के अंदर रहे। |
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