आशा कार्यकर्ताओं के कामों पर विशेष नजर। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, रक्सौल। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण करने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य समिति के द्वारा एएनएम एवं सीएचओ को आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। इसको लेकर प्रत्येक माह के प्रथम व तृतीय शनिवार को एएनएम एवं सीएचओ अपने-अपने पोषक क्षेत्रों के 25-25 घरों का निरीक्षण करेंगे।
इस दौरान नियमित टीकाकरण, ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस, गैर संचारी रोग तथा संस्थागत प्रसव के कार्य में आ रही कठिनाइयों में सहयोग करेंगी। गांव स्तर पर सरकार के द्वारा स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित किया जा रहा है। जहां सीएचओ एवं एएनएम पदस्थापित हैं।
वहीं, आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा सरकार के स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की जानकारी घर-घर पहुंचाई जाती है। उनके द्वारा यह कार्य कितना प्रभावी है और लोगों तक पहुंच रहा है, इसकी जानकारी के लिए एएनएम एवं सीएचओ लोगों से जानकारी लेंगे। साथ ही आशा के कार्यों का रिपोर्ट बनाकर पीएचसी को देंगे। जिसे विभाग को सौंपा जाएगा।
जनवरी माह में किया गया कार्य
यह कार्य जनवरी माह के शनिवार को किया गया। जिसमें शनिवार को प्रखंड क्षेत्र के मुसहररवा पुरंदरा, बेलवा, लौकरिया, जगधर, भरवलिया, सिसवा, सेमरी, गम्हरिया, रतनपुर, लक्ष्मीपुर, पनटोका, एकडेरवा, जोकियारी, कनना, हरनाही, महदेवा, श्रीरामपुर, परसौना तपसी, गाद बहुअरी एवं शहरी क्षेत्र के छोटा तुमड़िया टोला, परेऊवा एवं कोइरियाटोला में सहयोगात्मक पर्यवेक्षण किया गया।
इस कार्य योजना का अनुश्रवण प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, प्रखंड अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सहायक करेंगे। वहीं बीएमसी यूनिसेफ के द्वारा इस कार्यक्रम में एएनएम, सीएचओ एवं आशा कार्यकर्ताओं को सहयोग किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण हों, इसको लेकर जिला स्वास्थ्य समिति के निर्देशों के संबंध में आशा कार्यकर्ताओं को जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। साथ ही एएनएम एवं सीएचओं को निर्देश दिया गया है कि प्राथमिकता के आधार पर कार्य को पूरा कर रिपोर्ट समय से अस्पताल को उपलब्ध कराएं।
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