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छिबरौ जल विद्युत केंद्र में हुआ सर्वाधिक 36.180 मिलियन यूनिट उत्पादन। जागरण
राजेश पंवार, विकासनगर । भले ही वर्ष 2025 के वर्षा काल में बारिश का दौर देर तक चला और इस कारण धराली व थराली में आपदाएं आईं, लेकिन देर तक वर्षा का फायदा जल विद्युत निगम की परियोजनाओं को हुआ है। वर्ष 2024 की तुलना में दिसंबर 2025 में नदियों में पानी का प्रवाह अधिक रहा। इसी वजह से बिजली उत्पादन में भी इजाफा हुआ। इस तरह निगम ने अपना लक्ष्य आसानी से पूरा कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि पछवादून की छह विद्युत परियोजनाओं में दिसंबर में लक्ष्य से अधिक उत्पादन हुआ।
पछवादून में 240 मेगावाट क्षमता वाला छिबरौ, 120 मेगावाट क्षमता वाला खोदरी, 33.75 मेगावाट का ढकरानी, 30 मेगावाट का कुल्हाल, और 120 मेगावाट क्षमता वाला व्यासी जल विद्युत उत्पादन केंद्र है। छिबरौ जल विद्युत उत्पादन केंद्र में दिसंबर 2024 में 22.021 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन हुआ। इस बीच यहां का जल प्रवाह 40 क्यूमेक रहा। वहीं दिसंबर 2025 में उत्पादन बढ़कर 36.180 मिलियन यूनिट हुआ। इस बीच जल प्रवाह 60 क्यूमेक रहा।
खोदरी जल विद्युत उत्पादन केंद्र में दिसंबर 2024 में बिजली उत्पादन 11.105 मिलियन यूनिट हुआ। जबकि दिसंबर 2025 में यह आंकड़ा 18.353 मिलियन यूनिट रहा। जल प्रवाह की स्थिति छिबरौ पावर हाउस के बराबर ही रही। क्योंकि छिबरौ के बाद यही जल टनल के माध्यम से खोदरी जल विद्युत उत्पादन केंद्र में बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होता है। इसी प्रकार दिसंबर 2024 में ढकरानी जल विद्युत उत्पादन केंद्र में 6.540 मिलियन यूनिट उत्पादन के सापेक्ष दिसंबर 2025 में 7.731 मिलीयन यूनिट बिजली उत्पादन हुआ। दिसंबर 2024 के सापेक्ष जल प्रवाह भी दिसंबर 2025 में 27 क्यूमेक रहा।
दूसरी ओर ढालीपुर जल विद्युत उत्पादन केंद्र में दिसंबर 2024 में 10.834 मिलियन यूनिट के सापेक्ष दिसंबर 2025 में बढ़कर 12.507 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन हुआ। जल प्रवाह ढकरानी जैसा ही रहा, क्योंकि डाकपत्थर बैराज से निकली शक्तिनहर पावर चैनल पर ही ढकरानी व ढालीपुर जल विद्युत उत्पादन केंद्र स्थापित हैं। दिसंबर 2024 में कुल्हाल जल विद्युत उत्पादन केंद्र में 8.470 मिलियन यूनिट के सापेक्ष दिसंबर 2025 में 9.017 मिलियन यूनिट उत्पादन हुआ। जबकि जल प्रवास 2024 के सापेक्ष 27 क्यूमेक रहा।
वहीं व्यासी जल विद्युत परियोजना में दिसंबर 2024 में 10.056 मिलियन यूनिट के सापेक्ष दिसंबर 2025 में बढ़कर 10.569 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन हुआ। जबकि जल प्रवाह 18 के सापेक्ष 19 क्यूमेक रहा।
जल विद्युत निगम के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल के अनुसार वर्ष 2024 के मुकाबले वर्ष 2025 में वर्षा काल देर तक चलने की वजह से पानी की उपलब्धता भी ज्यादा रही। इसलिए बिजली उत्पादन में इजाफा हुआ।
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