राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू।
जागरण संवाददाता, जालंधर। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 16 जनवरी को पंजाब आ रही हैं। डॉ. बी.आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जालंधर में 21वीं कन्वोकेशन समारोह में वह बतौर मुख्यमंत्री पहुंचेंगी। उनके स्वागत की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। एनआईटी प्रशासन इस बात को लेकर विशेष उत्साहित है कि राष्ट्रपति मुर्मू एनआईटी जालंधर आने वाली देश की दूसरी राष्ट्रपति होंगी।
इससे पहले वर्ष 2009 में पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम एनआईटी जालंधर पहुंचे थे। कलाम पहली बार 2006 में पीटीयू जालंधर आए थे और उसके बाद 2009 में एनआईटी जालंधर में कन्वोकेशन समारोह का हिस्सा बने थे। लगभग 15 वर्षों बाद किसी राष्ट्रपति का एनआईटी में आगमन छात्रों और संकाय के लिए एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।
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कोर्सेस की डिग्रियां बांटेंगी
कन्वोकेशन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विभिन्न कोर्सेज की डिग्रियां और मेडल प्रदान करेंगी। समारोह के दौरान अंडर ग्रेजुएट (बैच 2021–2025), पोस्ट ग्रेजुएट (बैच 2023–2025) और पीएचडी पूरी करने वाले शोधार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इसके अलावा, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
एनआईटी प्रशासन के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू कुल 31 मेधावी विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान करेंगी। इन छात्रों ने बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी, मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी, मास्टर ऑफ साइंस और मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रमों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल की हैं। स्कॉलरशिप और मेडल वितरण के साथ-साथ संस्थान में शोध और नवाचार से जुड़ी उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला जाएगा।
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सुरक्षा व्यवस्था की चल रही तैयारियां
कन्वोकेशन में सुरक्षा और प्रोटोकॉल को लेकर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। एनआईटी के अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति का आगमन छात्रों के लिए प्रेरणादायी होगा और संस्थान की प्रतिष्ठा में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ जाएगा।
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