search

उत्तराखंड में नदियों के पुनर्जीवन को 5.19 करोड़ स्वीकृत, पौड़ी-नैनीताल की तीन नदियां होंगी पुनर्जीवित

cy520520 2026-1-7 11:26:54 views 1252
  

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण



राज्य ब्यूरो, जागरण देहरादून। प्राकृतिक जलस्रोतों और वर्षा आधारित नदियों को पुनर्जीवन देने को सरकार गंभीरता से कदम उठा रही है। इस कड़ी में स्प्रिंग एंड रिवर रिज्युविनेशन प्राधिकरण (सारा) के अंतर्गत पौड़ी जिले की दो और नैनीताल की एक नदी की सहायक नदियों व जलसमेट क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं हल्द्वानी, कोटाबाग व रामनगर में भूजल रिचार्ज के दृष्टिगत रिचार्ज शाफ्ट सबंधी कार्यों के लिए शासन ने 5.19 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।

पौड़ी जिले में पश्चिमी नयार नदी की सहायक नदियों इरगाड, पैडुल, निशनी, स्यूल व रछुली के जल संग्रहण क्षेत्रों में जल संरक्षण, मृदा संरक्षण के कार्य किए जाएंगे। इसी जिले की हिंवल नदी के जलसमेट क्षेत्र में पेयजल योजनाओं में जल संवर्द्धन में बढोतरी के उद्देश्य से विभिन्न कार्य किए जाएंगे। नैनीताल जिले में शिप्रा नदी की सहायक नदियों थुआ, कुलेती, उकिना व कुटियाखाल के जल समेट क्षेत्रों में भी जल संरक्षण के कार्य होंगे।

यह भी पढ़ें- पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश की तरह यूपी में भी बिजली निजीकरण रद करने की मांग तेज, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति आंदोलन करेगा तेज

उधर, गंगा सलाण विकास समिति के अध्यक्ष दिनेश भंडारी एवं महासचिव प्रदीप कुकरेती ने यमकेश्वर क्षेत्र के हिंवल नदी के जलसमेट क्षेत्रों में स्थित पेयजल योजनाओं में जल संवर्द्धन व नदी पुनरोद्धार के कार्यों की स्वीकृति देने के लिए सरकार के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है। साथ ही सुझाव दिया है कि जलसमेट क्षेत्रों में वैज्ञानिक आधार पर कार्य किए जाएं।
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
162278