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हरियाणा में किसान सशक्तिकरण के लिए नई क्रांति, AIF के तहत गोदाम-कोल्ड स्टोरेज पर मिल रही भारी सब्सिडी

LHC0088 2026-1-7 10:27:05 views 1254
  

फसल प्रबंधन और सामुदायिक कृषि में निवेश के लिए दो करोड़ तक वित्तीय सहायता (फोटो: जागरण)



राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। केंद्रीय कृषि मंत्रालय की अतिरिक्त निदेशक डा. मनिंदर कौर द्विवेदी ने कहा कि कृषि अवसंरचना कोष के तहत फसलोत्तर प्रबंधन बुनियादी ढांचे और सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों में निवेश के लिए किसानों को दो करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें कृषि उत्पादन समूह, किसानों के समूह, स्वयं सहायता समूह, सहकारी समितियों के गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, छंटाई यूनिट, ग्रेडिंग यूनिट, प्रसंस्करण सुविधाएं और खेती फसल में आटोमेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।  

हरियाणा के कृषि विभाग द्वारा चंडीगढ़ में आयोजित आठ राज्यों की एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड और किसान उत्पादक संगठन की क्षेत्रीय कान्फ्रेंस में डा.मनिंदर कौर ने कहा कि किसानों को समृद्ध एवं खुशहाल बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एआइएफ (कृषि अवसंरचना निधि) फंड बनाया गया है।

इसमें फसल काटने से लेकर उसकी बिक्री तक सुरक्षित रखने और बेहतर लाभ देने के लिए मार्केटिंग तक का कार्य शामिल है। कान्फ्रेंस में हरियाणा, जम्मू कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और लद्दाख के किसानों, कृषि उत्पादन समूहों के अलावा बैंकर्स ने भागीदारी की।  

अतिरिक्त निदेशक ने कहा कि एआइएफ किसानों के लिए अनूठी एवं महत्वाकांक्षी स्कीम है, जिससे देश के सभी राज्यों में बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हुआ है और इससे किसान भी आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। योजना में सबसे बड़ा लाभ यह है कि गांव से शहर तक फसल को ले जाने के लिए वैल्यू क्रिएशन चैन पर कार्य किया जाता है ताकि छोटे से छोटे किसान को लाभ मिल सके।

एआइएफ फंड के माध्यम से देशभर के लगभग 12-13 करोड़ किसानों को नौ प्रतिशत तक ब्याज पर ऋण मुहैया करवाया जाता है। केंद्र सरकार द्वारा महत्वाकांक्षी जिलों के लिए प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना भी क्रियान्वित की गई है। प्रत्येक राज्य के एक-एक जिले का चयन कर इस योजना को लागू किया गया है।

कार्यशाला में जानकारी दी गई कि हरियाणा और पंजाब के भी एक-एक जिले में यह योजना संचालित की गई है। कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव एन बालागन पी ने कहा कि पांच साल पहले क्रियान्वित की गई एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत किसानों की करोड़ों रुपये की फसल कटाई के बाद खराब होने से बचाई गई है।

हरियाणा कृषि विभाग के स्टेट प्रोजेक्ट को-आर्डिनेटर चंद्र मोहन धीमान ने कहा कि एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत किसानों व किसान उत्पादक संगठनों को अब तक 4,850 करोड़ रुपये के लक्ष्य के अनुरूप 4,334 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। 9204 किसानों की परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।

योजना में फसल विविधीकरण और राज्य में 3095 कस्टम हायर सेंटर स्थापित करने पर फोकस रहा। कुरुक्षेत्र के भोढी गांव में आलू के बीज का प्लांट, सिरसा के नाथूसरी में फसल अवशेष प्रबंधन, नारनौल की सरसों आयल मिल में सोलर प्लांट तथा करनाल के तरावड़ी में गुरु ड्रोन नामक प्लांट लगाया जाना इसकी बेहतर मिसाल है।
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