राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) नीति-2024 के क्रियान्वयन के लिए नियमावली-2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में स्वीकृति दे दी गई।
इसके लागू होने से प्रदेश में वैश्विक निवेश, उच्च स्तरीय सेवाओं, रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी। 10 हजार से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। यह निर्णय प्रदेश को ग्लोबल सर्विस हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसमें इन्वेस्ट यूपी को नोडल एजेंसी नामित किया गया है।
केस-टू-केस आधार पर विशेष प्रोत्साहन
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि जीसीसी किसी भारतीय अथवा विदेशी कंपनी द्वारा स्थापित एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई होगी। जो सूचना प्रौद्योगिकी, अनुसंधान एवं विकास, वित्त, मानव संसाधन, डिजाइन, इंजीनियरिंग, विश्लेषण और ज्ञान केंद्रित सेवाओं जैसे रणनीतिक कार्य करेगी।
नियमावली में जीसीसी इकाइयों को आकर्षित करने के लिए फ्रंट एंड लैंड सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी में छूट या प्रतिपूर्ति, पूंजीगत, ब्याज, संचालन व्यय, पेरोल और भर्ती, ईपीएफ प्रतिपूर्ति सब्सिडी की व्यवस्था की गई है। प्रतिभा विकास एवं कौशल प्रोत्साहन, अनुसंधान एवं नवाचार के साथ-साथ केस-टू-केस आधार पर विशेष प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।
चालू वित्तीय वर्ष में 21 कंपनियों ने किया निवेश
उन्होंने बताया कि वित्तीय लाभ के अलावा जीसीसी इकाइयों को तकनीकी सहायता समूह, इंडस्ट्री लिंकेज सपोर्ट, विनियामक सहायता, आवेदन प्रकरणों का त्वरित निस्तारण, अनुमोदन एवं प्रोत्साहन वितरण की व्यवस्थित प्रक्रिया भी उपलब्ध कराई जाएगी। सभी प्रोत्साहन, भारत सरकार की किसी भी योजना अथवा नीति के तहत उपलब्ध लाभों के अतिरिक्त होंगे।
किसी भी विधिक विवाद की स्थिति में न्यायिक क्षेत्राधिकार केवल लखनऊ स्थित न्यायालयों का होगा। स्वीकृत प्रोत्साहन राशि का वितरण वित्त विभाग के नियमों एवं शासनादेशों के अनुसार किया जाएगा। नंदी ने बताया कि जीसीसी के निवेश में लगातार वृद्धि हो रही है। चालू वित्तीय वर्ष में 21 कंपनियों ने इसमें निवेश शुरू कर दिया है।
निवेश के लिए वित्तीय प्रोत्साहन
- गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद में भूमि लेने पर 30 प्रतिशत सब्सिडी
- पश्चिमांचल, मध्यांचल में भूमि लेने पर 40 प्रतिशत सब्सिडी
- पूर्वांचल, बुंदेलखंड में भूमि लेने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी
- भूमि के लिए स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट/प्रतिपूर्ति
- स्तर एक इकाइयों को पूंजी निवेश का 25 प्रतिशत या अधिकतम 10 करोड़ रुपये सब्सिडी
- उन्नत श्रेणी की इकाइयों को अधिकतम 25 करोड़ रुपये सब्सिडी
- संचालन व्यय पर 20 प्रतिशत की दर से अधिकतम 40 करोड़ रुपये तक प्रतिवर्ष सब्सिडी
- उन्नत श्रेणी की इकाइयों को अधिकतम 80 करोड़ रुपये तक प्रतिवर्ष सब्सिडी
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