राजनगर एक्सटेंशन स्थित ब्रेव हर्ट्स सोसायटी में पानी का टीडीएस जांच करते लोग। जागरण
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। इंदौर में दूषित पानी से हुईं मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूट गई है। विभाग ने दूषित पानी को लेकर जिले के 32 स्थानों को संवेदनशील घोषित करते हुए पानी की गुणवत्ता की जांच का निर्णय लिया है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि जांच अभियान के लिये 32 टीमों का गठन किया गया है। टीम में लैब टेक्नीशियन की विशेष तौर पर ड्यूटी लगाई गई है।
प्रत्येक टीम को आवंटित स्थानों से जांच को पानी के दस नमूने लेने होंगे। शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष अभियान बुधवार को चलेगा।अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक टीडीएस (टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स) और दूषित पानी की शिकायत वाले क्षेत्रों की पहचान करना है। ऐसे इलाकों को चिह्नित कर वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
अभियान के तहत बोरवेल, इंडिया मार्का हैंडपंप, स्कूलों, घरों से एकत्रित पेयजल और सोसायटीज के स्टोरेज टैंकों से नमूने लिए जाएंगे। पानी के नमूने जियो-टैग फोटो के साथ परीक्षण के लिए एकत्र कर जिला एमएमजी अस्पताल परिसर स्थित आइडीएसपी लैब में जमा किए जाएंगे। इसके बाद पानी के सैंपल की जांच की जाएगी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों को सूचना देकर जल आपूर्ति व्यवस्था को ठीक कराया जाएगा। अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मी नागरिकों को स्वच्छ पेयजल के महत्व के बारे में भी जागरूक करेंगे। इसमें उबला हुआ पानी पीने, पानी को ढककर रखने और समय-समय पर टंकियों की सफाई कराने की सलाह दी जाएगी। इसके अलावा जिन क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता खराब पाई जाएगी, वहां क्लोरीनेशन और अन्य आवश्यक उपाय किए जाएंगे।
इन क्षेत्रों से लिये जाएंगे पानी के नमूने
आर्दश नगर, भोपुरा, भूपेंद्रपुरी, बृज विहार,दौलतपुरा, घूकना, हरसांव, कैला भट्टा, कनावनी, कड़कड़ माडल, खैराती नगर,खोड़ा गांव, कोर्ट गांव, कृष्णा नगर बागू, महाराजपुर द्वितीय, मकनपुर गांव, मिर्जापुर, मुस्तफाबाद लोनी, पंचशील कालोनी, राजीव गार्डन लोनी,राजनगर, सद्दीक नगर, संतोष विहार लोनी, सरस्वती कॉलोनी, शालीमार गार्डन, शास्त्रीनगर,शिवपुरी, वसुंधरा, विजय नगर-प्रथम, विजयनगर-द्वितीय, शिप्रा सनसिटी और घूकना मोड़
जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए समय रहते कदम उठाना जरूरी है। अभियान की रिपोर्ट प्रतिदिन तैयार की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर दायरा और बढ़ाया जाएगा। पानी की जांच रिपोर्ट आने पर संबंधित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति को लेकर नगर निकाय और प्राधिकरण को पत्र लिखा जायेगा।
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- डॉ. आरके गुप्ता, जिला सर्विलांस अधिकारी |