सेक्टर 151 में नोएडा प्राधिकरण द्वारा ढहाया गया अतिक्रमण। सौ. अधिकारी
मुनीश शर्मा, नोएडा। अर्जित जमीन को कब्जा होने से भी नोएडा प्राधिकरण नहीं बचा पा रहा है। विभागीय स्टाफ व अधिकारियों की सांठगांठ से लगातार अवैध कब्जे होने के मामले सामने आ रहे हैं। बीते चार दिन में नौ मुकदमे दर्ज होने के मामले में भी इस ओर इशारा कर रहे हैं।
ऐसी ही लापरवाही मिलने पर भूलेख विभाग के एक लेखपाल को निलंबित व वेतन रोकने की कार्रवाई की जा चुकी है। पिछले साल अतिक्रमण करने वाले और प्राधिकरण टीम आमने सामने भी आ चुके हैं।
नोएडा पुलिस से मारपीट होने का मामला लखनऊ तक भी पहुंचा था। हालांकि, पिछले दो वर्षों में अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनी बसाने वालों पर कार्रवाई हुई है, लेकिन इससे पहले प्राधिकरण अधिकारी आंख मूंदे बैठे रहे। जिससे प्राधिकरण की अर्जित भूमि पर ही अवैध कॉलोनी बसा दी गई।
कॉलोनी बसाने वालों में कई सफेदपोश
कॉलोनी बसाने वालों में कई सफेदपोश हैं। नोएडा में सर्वाधिक अवैध कॉलोनी 2017 के बाद बसाई गई। 2019 से 2023 तक नोएडा में अवैध कॉलोनियों की बाढ़ सी आ गई थी। इस दौरान करीब 250 अवैध कॉलोनी बसी। कॉलोनाइजरों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सिर्फ नोटिस देकर औपचारिकता पूरी कर दी गई। यमुना नदी में 2017 के बाद करीब दस हजार अवैध फार्म हाउस बने, इन पर भी कोई कार्रवार्ठ नहीं हुई। सूत्रों का दावा है कि इसकी एवज में प्राधिकरण के तत्कालीन अधिकारियों को मोटी रकम मिली थी।
नोएडा में प्राधिकरण बनने से अब तक सभी दस सर्किल में 20,316 हेक्टेयर जमीन अर्जित की जा चुकी है। अभी भी दो लाख वर्ग मीटर से ज्यादा जमीन पर अवैध कब्जा है। प्राधिकरण के अधिकारी लगातार जमीन को कब्जामुक्त करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। जमीन की चारदीवारी कराने के अलावा सर्वे कराकर कार्रवाई भी की जा रही है, लेकिन फिर भी अर्जित जमीन कब्जामुक्त नहीं हो पा रही हैं।
इस माह के शुरुआती सप्ताह में ही फेज दो और फेज तीन थाने में नौ मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। इनमें बसई बहाउद्दीन, इलाहबांस, हल्दोनी, गढ़ी चौखंडी गांव में प्राधिकरण की जमीन पर कब्जा होना बताया गया है जबकि 22 लोगों को अवैध निर्माण करने का आरोपित बनाया गया है। संबंधित थाना पुलिस मुकदमे दर्ज कर जांच कर रही है। |