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अगस्ता वेस्टलैंड से जुड़े केस से जुड़ी याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज, अमीर आरोपियों पर की सख्त टिप्पणी

LHC0088 2026-1-7 04:56:09 views 721
  

अगस्ता वेस्टलैंड से जुड़े केस से जुड़ी याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज



पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआइपी हेलीकाप्टर सौदे से जुड़े मनी लॉन्डि्रंग मामले में आरोपित वकील गौतम खेतान की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। खेतान ने मनी लांड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के कुछ प्रविधानों, खासकर धारा 44(1)(सी) की वैधता को चुनौती दी थी।

प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) सूर्यकांत और जस्टिस जोयमाल्य बागची की पीठ ने वकील गौतम खैतान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करने से इन्कार करते हुए कहा, \“सिर्फ इसलिए कि मैं अमीर हूं, मैं कानून की वैधता को चुनौती दूंगा.. यह प्रथा बंद होनी चाहिए।

सीजेआइ सूर्यकांत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह एक नया ट्रेंड बन गया है कि जब ट्रायल चल रहा होता है, तो अमीर और प्रभावशाली लोग कानून की वैधता को चुनौती देने के लिए कोर्ट आ जाते हैं। आम नागरिक की तरह ट्रायल का सामना करें।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पीएमएलए के प्रविधानों को चुनौती देने वाली समान याचिकाएं पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, इसलिए इस याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार नहीं किया जा सकता।

पीठ ने आदेश में कहा कि कानूनी प्रश्न को उपयुक्त कार्यवाही में तय करने के लिए खुला रखा जाता है। समान चुनौती लंबित होने के कारण याचिका पर विचार नहीं किया जा रहा है।
आइसिस से जुड़े मामले की सुनवाई के लिए विशेष अदालत गठित की जाए : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र और दिल्ली सरकार से 2021 के उस मामले की रोजाना सुनवाई के लिए विशेष अदालत स्थापित करने को कहा, जिसमें एनआइए ने एक व्यक्ति के आतंकी संगठन आइसिस से संबंधों की जांच की थी।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची की पीठ ने मोहम्मद हैदैतुल्ला की जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए कहा कि वह कथित तौर पर भारत में आतंकी समूह की विचारधारा का प्रचार करने और अन्य व्यक्तियों की भर्ती के लिए टेलीग्राम ग्रुप्स का उपयोग कर रहा था।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सुनवाई में अत्यधिक देरी से आरोपित की ओर से यह वैध दलील दी जाती है कि उसे लंबे समय तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता, वह भी बिना सुनवाई के।

पीठ ने सरकार और एनआइए की ओर से उपस्थित अतिरिक्त सालिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा कि वह एक सप्ताह के भीतर विशेष अदालत की स्थापना के बारे में जानकारी दें, जोकि इस मामले में प्रतिदिन की सुनवाई करेगी, जिसमें 125 गवाहों की गवाही ली जानी है।
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