राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को लंबित प्रोन्नति तथा वेतन विसंगति निष्पादन और वेतन वृद्धि जैसे मामलों के लिए जिला कार्यालयों से लेकर मुख्यालय तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इसी माह से हर जिले में कैंप लगाकर शिक्षकों की तमाम समस्याओं का समाधान होगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से मंगलवार को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आदेश जारी किया गया।
इससे पहले, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने समीक्षा बैठक में पाया कि सरकारी विद्यालयों के 98 प्रतिशत शिक्षकों को दिसंबर के वेतन का भुगतान कर दिया गया है। इस पर उन्होंने बचे शिक्षकों को एक सप्ताह के अंदर वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
साथ ही उन्होंने एसी-डीसी बिल का समायोजन नहीं करने एवं दी गयी राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र नहीं सौंपने के मामलों को काफी गंभीरता से लिया।
उन्होंने राशि का समायोजन एक सप्ताह के अंदर प्राथमिकता के आधार पर करने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारियों को दिया। इस कार्य में जिन जिलों की प्रगति संतोषजनक नहीं है और बिल के समायोजन में पीछे चल रहे जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
ऐसे जिला शिक्षा पदाधिरियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी होगी। बैठक में अनुकंपा के आधार पर विद्यालय लिपिक एवं विद्यालय परिचारी के पदों पर नियुक्ति की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव दिनेश कुमार, प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर, माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर. एवं माध्यमिक शिक्षा के उप निदेशक अब्दुस सलाम सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे। |