search

भारतीय भाषाएं समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं

deltin33 3 day(s) ago views 647
  

यहां पढ़ें पूरी खबर।  



एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारतीय भाषाएं एकता की शक्ति हैं और उन्हें नष्ट करने के प्रयासों के बावजूद वे समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं। उन्होंने कहा, \“सांकेतिक भाषा में साहित्यिक कृतियां बड़े राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य भारत की भाषाई धरोहर को शिक्षा, अनुसंधान और सांस्कृतिक गर्व के केंद्र में रखना है।

धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को यह टिप्पणी 55 शैक्षणिक ग्रंथों के विमोचन के दौरान की, जिसमें तिरुक्कुरल का सांकेतिक भाषा में अनुवाद भी शामिल है। उन्होंने कहा, हमारी भाषाएं एकता की शक्ति हैं। भारतीय भाषाएं समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं, भले ही उन्हें नष्ट करने के प्रयास किए गए हों।

भारत लोकतंत्र की जननी है और यह भाषाई विविधता का एक विशाल देश भी है। यह हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए कि हम अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक धरोहर को संरक्षित करें और भविष्य की पीढ़ियों को इसके प्रति जागरूक करें।

मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी भारतीय भाषाओं को राष्ट्रीय भाषाएं मानने पर जोर दिया है। प्रधान ने कन्नड़, तेलुगु, मलयालम और उड़िया के लिए उत्कृष्टता केंद्रों द्वारा विकसित 41 साहित्यिक कृतियों का विमोचन किया। उन्होंने केंद्रीय शास्त्रीय तमिल संस्थान (सीआइसीटी) द्वारा तिरुक्कुरल के 45-एपिसोड सांकेतिक भाषा अनुवाद श्रृंखला के साथ 13 पुस्तकों का भी विमोचन किया।

यह भी पढ़ें: BPSC DSO Exam Date 2026: बिहार डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स ऑफिसर एग्जाम डेट जारी, इस दिन से शुरू होगी परीक्षा
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4510K

Credits

administrator

Credits
458745

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com