Prayagraj Triple Murder Case प्रयागराज जमीनी विवाद में परिवार के तीन सदस्यों को मौत के घाट उतारने वाले ने हत्या की साजिश पूर्व में ही रची थी।
मऊआइमा/हरिसेनगंज (प्रयागराज)। Prayagraj Triple Murder Case गंगापार में मऊआइमा थाना क्षेत्र के बिसानी उर्फ शिकोहाबाद मजरा लोकापुर गांव में तिहरे हत्याकांड की वारदात की पटकथा 21 दिसंबर की रात ही मुकेश ने लिख दी थी। छोटे भाई मुकुंद लाल से पहले उसने 10 बिस्वा जमीन मांगी और जब उसने देने से इन्कार किया तो मुकेश आगबबूला गया। अपशब्द कहते हुए बोला कि तुझे और तेरे पूरे परिवार को खत्म कर दूंगा। अगर जमीन मुझे नहीं मिलेगी तो किसी को नहीं मिलेगी।
Prayagraj Triple Murder Case हालांकि, मुकुंद लाल ने इस धमकी को गंभीरता से नहीं लिया, क्योंकि मुकेश अक्सर धमकी देता था। लेकिन 31 दिसंबर को जो धमकी उसने दी थी, उसमें जान से मारने की धमकी की बात अलग थी। जबकि पहले दी गई अन्य धमकियों में वह बस इतना कहता था कि हाथ-पैर तोड़कर अपाहिज बना दूंगा।
Prayagraj Triple Murder Case राम सिंह पटेल मूल रूप से गमरहटा गांव के रहने वाले थे। बिसानी उर्फ शिकोहाबाद मजरा लोकापुर गांव में उनकी ननिहाल थी। ननिहाल में राम सिंह की मां इकलौती थीं। नाना-नानी की मौत के बाद चार बीघा से अधिक जमीन राम सिंह को मिल गई थी। इसके बाद वह परिवार समेत यहां आकर रहने लगे थे। करीब 16 वर्ष पहले बड़े बेटा मुकेश हैदराबाद कमाने चला गया। छह वर्ष बाद वह लौटा तो कुछ दिन बाद उसकी शादी करा दी थी। शादी में बाइक व अन्य सामान मिला।
Prayagraj Triple Murder Case कुछ दिन बाद ही राम सिंह ने अपनी पुत्री की शादी की और मुकेश को ससुराल से जो बाइक व अन्य सामान मिला था, उसे बेटी को दे दिया। उस समय भी मुकेश ने इसका विरोध किया था, लेकिन यह कहकर उसे शांत करा दिया गया कि बाद में दे दिया जाएगा। कुछ दिन बीतने के बाद घर में विवाद शुरू हो गया। राम सिंह ने मुकेश से कहा कि वह पत्नी को तलाक दे दे। इसके बाद बात और बिगड़ गई।
वर्ष 2017 में मुकेश अपने परिवार के साथ पुन: हैदराबाद चला गया। वहीं मुकेश कहीं काम करने लगा। करीब एक वर्ष पहले वह यहां लौटा और गांव में ही अपने पिता के बगल दो कमरे का मकान बनवाया। इसी बीच उसे पता चला कि पिता ने गमरहटा की पुश्तैनी जमीन को 35 लाख रुपये में बेच दिया है। जानकारी होते ही उसने रुपये मांगे तो कहा गया कि बेटी की शादी के लिए रुपये रखे हैं।
हिस्सा न मिलने पर वह बौखलाया जरूर, लेकिन शांत हो गया। इधर, करीब छह माह पहले मुकेश को पता चला कि उसके पिता ने ननिहाल की पूरी जमीन छोटे भाई मुकुंद को लिख दी है। उसने खतौनी देखी तो बात सही निकली। इसका उसने विरोध किया, लेकिन उसे जमीन नहीं मिली। इस पर न्यायालय में उसने मुकदमा कर दिया।
बताते हैं कि पिछले वर्ष 21 दिसंबर को उसने गांव के अपने कुछ खास लोगों से बातचीत की और फिर मुकुंद लाल को गांव स्थित कूड़ा घर के पास बुलाया गया। यहां मुकेश ने उससे 10 बिस्वा जमीन मांगी तो उसने इन्कार कर दिया। उसे लात से भी मारा, जिस पर दोनों भाइयों में हाथापाई हो गई। जैसे-तैसे मामला शांत हुआ, लेकिन अपशब्द कहते हुए मुकेश बोला कि पूरे परिवार को खत्म कर दूंगा। कोई जिंदा नहीं रहेगा।
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