वाराणसी का मौसम मंगलवार को काफी तल्ख रहा और सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पूर्वांचल में मौसम का रुख मंगलवार की सुबह काफी तल्ख रहा। सुबह वातावरण में गलन का प्रकोप अधिक रहा और तड़के तापमान 5.5 डिग्री तक जा पहुंचा। यह तापमान इस सीजन का सबसे कम तापमान है। इस लिहाज से मंगलवार का दिन काफी गलन भरा साबित हुआ। हालांकि वाराणसी में सुबह आठ बजे तक कोहरा पूरी तरह से छंटने के बाद सूरज ने भी दर्शन दिए तो लोगों ने राहत की तलाश शुरू कर दी। अलाव सेंकने वाले लोग धूप सेंकते नजर आए।
मंगलवार की सुबह कोहरे में लिपटी रही, कोहरा सघन सिर्फ अंचलों में ही रहा और शहर में कोहरा अधिक प्रभावी नहीं हो सका। हालांकि धूप खिलने के साथ ही गलन में भी काफी राहत मिली। धूप खिलने के बाद भी हालांकि पछुआ हवाओं का जोर बना रहा और वातावरण में घुली गलन ने लोगों को धूप से बहुत राहत नहीं होने दी। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में बढ़ने से अब पूर्वांचल में भी गलन भरी हवाओं का प्रकोप शुरू हो चुका है।
बीते चौबीस घंटों में न्यूनतम तापमान 5.5°C दर्ज किया गया जो सामान्य से 3.1 डिग्री कम रहा। अधिकतम तापमान 16 डिग्री के करीब जा पहुंचा तो सामान्य से कुछ कम रहा। आर्द्रता का स्तर सौ फीसद के करीब बना रहा। वातावरण में नमी का स्तर बढ़ने से दिन में कुछ गलन से राहत तो मिली लेकिन पछुआ हवाओं का जोर बना रहने से कुछ गलन का असर धूप खिलने के बाद भी बना रहा। वातावरण में घुली गलन का प्रकोप धूप को बेअसर करती रही तो चलने वाली पछुआ हवाओं का रुख भी लोगों को चुनौती देता रहा
मौसम विभाग ने सात जनवरी के लिए भी अलर्ट जारी किया है। घने कोहरे और गलन का प्रकोप बने रहने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि मौसम का रुख पछुआ हवाओं के जोर पर निर्भर करता है। मौसम विभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्वीरों में पूर्वांचल को छोड़कर अन्य प्रदेश के हिस्सों में शीत दिवस का असर बना हुआ है। हालांकि वाराणसी में भी मौसम का रुख बदलेगा और शीत दिवस का असर प्रभावी होगा। जबकि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। |
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