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बिजली चोरों पर कार्रवाई करते अधिकारी
जागरण संवाददाता, संभल। हिंसा के बाद से संभल में बिजली चोरी पर बड़ा एक्शन किया गया है, इसके बाद भी यह मामले रूकने का नाम नहीं ले रहे हैं। सितंबर 2024 से लेकर दिसंबर 2025 तक चलाए अभियान के दौरान विभाग ने 3220 चोरी के मामले पकड़े। जिसमें 37795.45 किलोवाट की चोरी पकडे जाने के साथ 19.93 करोड़ का जुर्माना लगाया गया था।
बिजली विभाग सुचारु आपूर्ति बनाए रखने के लिए भरस प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही राजस्व वसूली व लाइन लास को कम करने पर भी जोर दिया जा रहा है। विभाग के अधिकारियों द्वारा समय समय पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाता रहा है। परन्तु इसके बाद भी बिजली चोरी पर कोई समुचित अंकुश लग पा रहा है। जबकि मार्निंग रेड के साथ अन्य अभियान भी चलाए जाते रहे हैं।
खास बात यह है कि इन आंकड़ों पर ध्यान दें तो इससे जाहिर है कि शहर में बिजली चोरी की जड़ें काफी गहरी हैं। यही वजह भी है कि यहां पर एक साल के भीतर यही चौकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। लगाए गए जुर्माने में सिर्फ 4.4 करोड़ रुपये ही जमा हो सका है। अधिकारियों की माने तो उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2024 से नवंबर 2025 तक 3.42 करोड़ का जुर्माना जमा हुआ है।
वहीं दिसंबर 2025 में ही दो करोड़ रुपये चोरी के जुर्माने के रूप में जमा हुए हैं। दिसंबर में विभाग की ओर से बिजली बिल राहत योजना शुरू की गई थी और उसमें बिजली चोरी पर लगे जुर्माने पर छूट दी जा रही थी। ऐसे में योजना का फायदा उठाते हुए उनके द्वारा जुर्माना जमा किया गया।
साल भर में जारी किए गए 3749 कनेक्शन
बिजली विभाग के मुताबिक वर्ष 2025 में माह जनवरी से दिसंबर तक 3749 लोगों ने नए कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। जिन्हें कनेक्शन जारी कर दिए गए। ऐसे में जनवरी माह में 182, फरवरी में 118, मार्च में 324, अप्रैल में 258, मई में 423, जून में 631, जुलाई में 519, अगस्त में 405, सितंबर में 198, अक्टूबर में 296, नवंबर में 188 तथा दिसंबर में 207 नए कनेक्शन जारी किए गए हैं।
प्लानिंग गोपनीय रख की छापेमारी
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सोमवार की सुबह को चलाए गए सघन चेकिंग अभियान की रणनीति को गोपनीय रूप से तैयार किया गया था। जिसके बारे में विभागीय अधिकारियों को भी कुछ घंटे पहले बताया गया था। इस अभियान के दौरान संभल अधिशासी अभियंता के साथ एसडीओ नगर प्रथम, तृतीय व एसडीओ ग्रामीण द्वितीय के साथ उनके संबंधित सभी जेई लाइन स्टाफ के साथ शामिल थे।
चंदौसी से भी अधिशासी अभियंता विप्लव कुमार के साथ दो एसडीओ भी संभल में चलाए गए अभियान में टीम का हिस्सा थे। ऐसे में विभाग की ओर से अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में 12 टीम बनाई गईं थी। जिसमें दो अधिशासी अभियंता, पांच एसडीओ, 12 जेई व 60 से अधिक लाइन मैन शामिल थे।
मगर किसी भी कर्मचारी को अभियान के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। क्योंकि उन्हें सिर्फ संभल डिवीजन कार्यालय पहुंचने के लिए कहा गया था और उसके बाद वहां से सभी कर्मचारी अधिकारियों के साथ अभियान में शामिल हुए।
सुबह चार से 10 बजे तक जारी रही कार्रवाई
करीब चार बजे उपकेंद्रों पर तैनात जेई लाइन स्टाफ को अपने साथ लेकर डिवीजन कार्यालय पर पहुंच गए थे। जहां साढ़े चार बजे तक सभी अधिकारी व कर्मचारी एकत्र हो गए थे। इसके बाद जेई के साथ लाइन स्टाफ की अलग अलग टीम गठित कर उन्हें अभियान में चेकिंग करने को कहा गया।
ऐसे में जिस मुहल्ले में अधिकारी पहुंचते तो वहां पर प्रत्येक गली में अलग अलग टीम जाकर कनेक्शन की जांच कर रही थी और इसी के चलते सबसे ज्यादा बिजली चोरी के मामले संभल में पकड़ में आए। ऐसे में सुबह पांच बजे से शुरू हुआ चेकिंग अभियान सुबह करीब 10 बजे तक जारी रहा।
राजस्व विभाग की टीम भी रही अभियान में शामिल
डीएम एसपी की अगुवाई में सोमवार की सुबह को चलाए गए अभियान में बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल रहे। जहां तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में नायब तहसीलदार दीपक जुरैल, बबलू कुमार व अरविंद सिंह के साथ करीब 10 से 12 लेखपाल भी अभियान में शामिल रहे।
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