नीतीश कुमार फाइल फोटो
संवाद सहयोगी, रोसड़ा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान रोसड़ा में बाईपास निर्माण की घोषणा किए जाने के एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक यह योजना धरातल पर उतरती नहीं दिख रही है। न तो निर्माण कार्य की शुरुआत हुई है और न ही किसी तरह की ठोस प्रगति सामने आई है। इससे स्थानीय नागरिकों में गहरी निराशा और असंतोष व्याप्त है।
गौरतलब है कि जनवरी 2025 में प्रगति यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समस्तीपुर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जिले में कई विकासात्मक योजनाओं की घोषणा की थी, जिनमें रोसड़ा बाईपास निर्माण भी एक महत्वपूर्ण योजना थी।
शहर को जाम की गंभीर समस्या से निजात दिलाने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से इस बाईपास की घोषणा की गई थी। उस समय लोगों को उम्मीद जगी थी कि भारी वाहनों के दबाव से शहर को राहत मिलेगी, लेकिन समय बीतने के साथ यह उम्मीद अब सवालों में तब्दील होती जा रही है।
बाईपास के अभाव में रोसड़ा शहर के मुख्य मार्गों पर प्रतिदिन भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। विशेषकर बाजार क्षेत्र और विद्यालय खुलने-बंद होने के समय यातायात पूरी तरह चरमरा जाता है। इससे आम नागरिकों के साथ-साथ व्यापारियों और वाहन चालकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
घोषणा के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर न तो भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी दिखाई दी और न ही निर्माण कार्य को लेकर कोई स्पष्ट रोडमैप सार्वजनिक किया गया। इससे लोगों में यह आशंका गहराने लगी है कि कहीं यह योजना कागजों तक ही सीमित न रह जाए।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने बाईपास निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने अथवा इसकी अद्यतन प्रगति की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि आम जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
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