जागरण संवाददाता, बांसडीह (बलिया)। विद्युत विभाग द्वारा बकायेदारों को बड़ी राहत देने के उद्देश्य से संचालित बिजली बिल राहत योजना 2026 के प्रथम चरण के परिणाम उत्साहजनक रहे हैं।
बांसडीह खंड के अंतर्गत विद्युत विभाग ने तकनीकी सुदृढ़ीकरण और प्रभावी मानिटरिंग के माध्यम से कुल 10.90 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करने में सफलता हासिल की है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार बांसडीह खंड में कुल 52303 उपभोक्ता डिफाल्टर व बकाएदारों की श्रेणी में चिह्नित हैं। जिन पर विभाग का कुल 109 करोड़ 67 लाख रुपये का बकाया लंबित है।
योजना के क्रियान्वयन के बाद, प्रथम चरण में तकनीकी पोर्टल के माध्यम से 14291 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराते हुए अपने बिलों का वन टाइम सेटलमेंट व किस्त में भुगतान सुनिश्चित कराया। इसके फलस्वरूप विभाग के कोष में 10.90 करोड़ रुपये जमा हुए हैं।
इस योजना की तकनीकी विशेषता यह रही कि इसमें उन उपभोक्ताओं को भी मुख्यधारा में जोड़ने का प्रावधान किया गया। जिन पर पूर्व में विद्युत चोरी या अन्य अनियमितताओं के कारण विभागीय एफआइआर दर्ज था। इसमें कुल 1434 पात्र उपभोक्ता थे। इनमें से 291 उपभोक्ताओं ने योजना के तहत छूट का लाभ उठाया और अपने बकाए का निस्तारण किया।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि बिलों के सेटलमेंट की प्रक्रिया को पूरी तरह आनलाइन और पारदर्शी रखा गया है ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। सभी छोटे बड़े विद्युत उपभोक्ता जिनका बिल बकाया है वे योजना का लाभ उठाकर अपने बिल का भुगतान सुनिश्चित करें। |