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बिहार में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, 17 जनवरी को 5 नदियों के जल से होगा महाभिषेक; हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा

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विराट रामायण मंदिर। फाइल फोटो



जागरण संवाददाता, पटना। पूर्वी चंपारण में बन रहे विराट रामायण मंदिर में दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग को 17 जनवरी को विधि-विधान के साथ स्थापित किया जाएगा। इस दौरान पांच पवित्र नदियों के जल से शिवलिंग का महाभिषेक होगा।

इसके लिए हरिद्वार, प्रयागराज, गंगोत्री, कैलाश मानसरोवर, सोनपुर आदि के जल से अभिषेक होगा। स्थापना के दौरान हेलिकाप्टर से पुष्प वर्षा भी होगी। 17 जनवरी को माघ कृष्ण चतुर्दशी तिथि है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन शिवलिंग की उत्पति हुई थी और भगवान शिव की लिंग के रूप में पूजा हुई थी।

इस दिन का महत्व शिवरात्रि के समान माना जाता है। रविवार को महावीर मंदिर में प्रेस वार्ता के दौरान महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि शिवलिंग को सिर्फ स्थापित किया जाएगा जब तक मंदिर का निर्माण पूरा नहीं होगा तब तक प्राण प्रतिष्ठा नहीं होगी।

2030 तक विराट रामायण मंदिर को पूर्ण करने का लक्ष्य है। 2030 तक मंदिर में सभी देवी-देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा होगी और इसके बाद दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा।
स्थापना के दिन आएंगे विद्वान

पंडित भवनाथ झा ने बताया कि स्थापना के दिन भव्य यज्ञ का भी आयोजन होगा। इसमें चारों वेदों के विद्वान होंगे। सुबह 8.30 बजे से पूजा आरंभ होगी और दोपहर होते शिवलिंग को स्थापित किया जाएगा। पूजा के बाद भोजन और प्रसाद का वितरण होगा। महावीर मंदिर से पूजन के लिए सात पंडित जाएंगे।

शिवलिंग के बाद अलग से नंदी का निर्माण किया जाएगा। इसे भी ब्लैक ग्रेनाइट स्टोन से तैयार किया जाएगा। अयोध्या के राम मंदिर में स्थापित भगवान श्रीराम की मूर्ति निर्माण करने वाले अरुण योगीराज से बातचीत चल रही है। मंदिर में मुख्य देवी-देवता का निर्माण उनसे कराने का विचार किया जा रहा है।
10 वर्षों से हो रहा शिवलिंग का निर्माण

शिवलिंग का निर्माण महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में बीते 10 वर्षों से हो रहा था। इसे एक ही काले ग्रेनाइट मोनोलिथ पत्थर से तराशा गया है। इसकी लंबाई 33 फीट और वजन 210 मीट्रिक टन है। इस पर 1008 सहस्त्रलिंगम तैयार किया गया है। 21 नवंबर को महाबलीपुरम से 96 चक्के वाले ट्रक से विराट रामायण मंदिर के लिए रवाना हुआ था।

महावीर मंदिर न्यास समिति की ओर से विराट रामायण मंदिर का निर्माण हो रहा है। मंदिर का प्रवेश द्वार, गणेश स्थल, सिंह द्वार, गर्भ गृह की पाइलिंग का कार्य पूरा हो गया है। मंदिर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा। इसमें कुल 18 शिखर और 22 मंदिर स्थापित होगा।  

मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट, चार शिखर की ऊंचाई 180 फीट, एक शिखर की ऊंचाई 135 फीट, आठ शिखर की ऊंचाई 108 फीट और एक शिखर की ऊंचाई 90 फीट होगी।
45 दिनों में पहुंचा बिहार

21 नवंबर को महाबलीपुरम से रवाना हुआ शिवलिंग तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश होते हुए 45 दिनों में शनिवार को बिहार पहुंचा। विराट शिवलिंग गोपालगंज के रास्ते 2,500 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर शनिवार को पहुंचा है।

शनिवार को गोपालगंज के बलथरी में शिवलिंग आने के साथ भक्तों ने इसका स्वागत किया। जहां पर वाहन खड़ा हो रहा है वहां पर इसके दर्शन को भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। वार्ता के दौरान मंदिर के बीके मिश्रा, मंदिर अधीक्षक के सुधाकरण आदि मौजूद थे।
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