सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, आगरा। लंबी दूरी की बसों और भारी मालवाहक वाहनों के अधिकांश सड़क हादसे थकान और नींद के चलते होते हैं। जिनमें चालकों को झपकी आना प्रमुख कारण है। जिसे देखते हुए आरटीओ द्वारा लंबी दूरी के भारी वाहनाें में दो चालकों की अनिवार्यता को सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
चालकों को थकान या नींद के चलते होते हैं अधिकांश हादसे
देश में सर्वाधिक हादसों वाले शहरों में आगरा कमिश्नरेट भी शामिल है। जिले में यातायात माह में नवंबर 2025 में 151 हादसों में 75 लोगों की अपनी जान गंवानी पड़ी। जबकि 109 लोग घायल हुंए। वहीं, वर्ष 2025 में जनवरी से नवंबर के दौरान 1350 से अधिक हादसों में 695 लोगों ने जान गंवाई। लंबी दूरी के वाहनों में हादसों का एक प्रमुख कारण चालकों की नींद या थकान के चलते झपकी लगना भी था।
आरटीओ ने ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों को जारी किए दिशा-निर्देश
जिले में सर्वाधिक हादसों वाले स्थानों के रूप में तीन क्रिटिकल कॉरीडोर के साथ ही 212 ब्लैक स्पाट चिन्हित किए गए हैं। जिससे हादसों के कारणों को दूर किया जा सके। इसके साथ अन्य उपाय भी किए जा रहे हें। जिसमें ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों को भी जिम्मेदारी दी जा रही है।
एआरटीओ प्रवर्तन आलोक अग्रवाल ने बताया कि एक जनवरी से 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह चल रहा है। जिसमें ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के साथ बैठक की जा रही हैं। ट्रांसपोर्टरों को लंबी दूरी के वाहनाें में दो चालक अनिवार्य रूप से चलने को कहा गया है। जिसे सुनिश्चित करने के लिए लंबी दूरी के वाहनों की निरंतर चेकिंग की जाएगी। |