जागरण संवाददाता, रामपुर। कभी बाहर की दवाएं लिखने को लेकर तो कभी आपरेशन के नाम पर मरीजों से पैसे मांगने की शिकायतें जिला अस्पताल में अक्सर सामने आती रही हैं। अब फिर आपरेशन के नाम पर एक युवक के तीमारदार से चार हजार रुपये लिए गए हैं। युवक की मां ने इसकी शिकायत मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से की है।
हालांकि पैसे लेने वाले सर्जन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायत करने वाली महिला शहजादनगर थाना क्षेत्र के निपनिया गांव की रामा देवी हैं। उनके पति पकौड़ी का ठेला लगाते हैं। 24 साल का बेटा रोहताश सुबह अखबार बांटता है और दिन में अपने पिता के साथ ठेले पर काम में हाथ बंटाता है। बेटे को हाइड्रोसील की समस्या हो गई थी।
दिक्कत अधिक होने पर 30 दिसंबर को उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां डाक्टर ने आपरेशन बताया। 31 दिसंबर को आपरेशन होना था। आपरेशन से पहले डाक्टर ने बुलाकर चार हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर आपरेशन करने से मना कर दिया। दबाव बनाया कि शिकायत की तो आपरेशन गलत कर देगा।
मजबूर होकर चार हजार रुपये की व्यवस्था की। छोटे बेटे अनिल के हाथ डाक्टर को रुपये दिए गए। तब आपरेशन किया। शनिवार को सुबह बेटे को छुट्टी दे दी गई। उन्होंने बताया कि छुट्टी होने पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को पत्र देकर देकर डाक्टर द्वारा रुपये मांगने की शिकायत की है। डर था कि पहले शिकायत करेंगे तो डाक्टर बेटे को कोई नुकसान न पहुंचा दे।
संविदा पर नियुक्त है सर्जन
रुपये लेकर आपरेशन करने वाला सर्जन संविदा पर नियुक्त है और 11 जनवरी को उसकी संविदा समाप्त हो रही है। सर्जन के बारे में जानकारी मिली है कि उनका अपना प्राइवेट अस्पताल भी है। वह जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की जांच आदि तो यहीं कराते हैं। मेजर आपरेशन होने पर मरीज के तीमारदारों को जिला अस्पताल में सुविधाओं की कमी का हवाला देते हुए प्राइवेट अस्पताल में आपरेशन कराने का सुझाव देते हैं।
इस तरह अपने ही प्राइवेट अस्पताल में उसका आपरेशन कर मोटी रकम ऐंठ लेते हैं। माइनर आपरेशन जिला अस्पताल में ही कर देते हैं तो उसमें भी चार से पांच हजार रुपये ले लेते हैं। एक माह पहले कुंडा मुहल्ले की एक महिला का पित्ते का आपरेशन अपने ही अस्पताल में 20 हजार रुपये लेकर किया। महिला के एक परिचित ने नाम बताने की शर्त पर यह जानकारी दी। उसने बताया कि महिला को स्वजन ने जिला अस्पताल में ही दिखाया था। उसकी जांच आदि सभी जिला अस्पताल में हुई थीं, लेकिन आपरेशन अपने अस्पताल में किया था।
पहले भी आई थी शिकायत, एक दिन का वेतन काटने की हुई थी कार्रवाई
सर्जन डा. आरिफ रसूल के खिलाफ आपरेशन के नाम पर पैसे मांगने की शिकायत पहले भी आई थी। शिकायत का कोई प्रमाण नहीं मिला था। हालांकि तब उनका एक दिन का वेतन काटा था। अब फिर शिकायत आई है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। इनकी संविदा बहाल न करने के संबंध में भी लिखा जाएगा। हमने महानिदेशक और अपर निदेशक को भी पत्र लिखा है कि 11 जनवरी से पहले किसी अन्य सर्जन की जिला अस्पताल में नियुक्ति की जाए। -डा. बीसी सक्सेना, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक। |
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