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बिहार में PM Awas Yojana का वेरिफिकेशन तेज, इन लोगों को किया काटा जाएगा नाम

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Pradhanmantri Awas Yajana। File Photo



संवाद सूत्र, रामपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वास्तविक जरूरतमंदों तक योजना का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से रामपुर प्रखंड में आवास प्लस–2024 सूची का व्यापक भौतिक सत्यापन अभियान शुरू कर दिया गया है।

प्रखंड प्रशासन द्वारा गठित विशेष टीमें सभी नौ पंचायतों में घर-घर जाकर लाभुकों की पात्रता की गहन जांच कर रही हैं। इस दौरान लाभुकों के दस्तावेज, मौजूदा आवास की स्थिति, आय के स्रोत और सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप अन्य मानकों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

प्रखंड विकास पदाधिकारी दृष्टि पाठक ने कहा कि सत्यापन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। अपात्र लाभुकों को किसी भी हाल में योजना का लाभ नहीं मिलेगा। जांच में जो परिवार अपात्र पाए जाएंगे, उनके नाम सूची से हटाकर योग्य और जरूरतमंद परिवारों की नई प्रतीक्षा सूची तैयार की जाएगी।
10 हजार से अधिक परिवारों का हुआ सर्वे

प्रखंड में इस वर्ष पीएम आवास योजना के लिए बड़े पैमाने पर सर्वे कराया गया है। सभी नौ पंचायतों में सर्वेयरों ने घर-घर जाकर आंकड़े जुटाए, वहीं कई परिवारों ने मोबाइल एप के माध्यम से स्वयं सर्वे पूरा किया। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, 9,772 परिवारों का सर्वे सर्वेयरों द्वारा और 356 परिवारों का सेल्फ सर्वे एप से किया गया।

इस तरह कुल 10,128 परिवारों का सर्वे पूरा हुआ है। सभी विवरण आवास प्लस–2024 एप पर अपलोड किए जा चुके हैं, जिनका अब भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है।
तीन स्तरों पर हो रही जांच

आवास प्लस–2024 सूची की जांच के लिए तीन स्तरीय समिति गठित की गई है। पंचायत स्तर पर ग्रामीण आवास सहायक, रोजगार सेवक घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं। बीडीओ ने स्पष्ट किया कि जिन कर्मियों ने सर्वे किया था, वही कर्मी उस पंचायत में सत्यापन नहीं करेंगे, ताकि निष्पक्षता बनी रहे।

पंचायत स्तर की रिपोर्ट प्रखंड कार्यालय को सौंपी जाएगी। प्रखंड स्तर पर बीडीओ की अध्यक्षता में गठित टीम पंचायत सूची के 10 प्रतिशत मामलों का स्वयं जाकर सत्यापन करेगी। वहीं जिला स्तर पर डीडीसी की अध्यक्षता में समिति प्रखंडों से प्राप्त रिपोर्ट का 2 प्रतिशत रैंडम सत्यापन करेगी।
छह साल बाद दोबारा हुआ सर्वे

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत यह सर्वे लगभग छह वर्ष बाद कराया गया है। वर्ष 2018-19 में अंतिम बार सर्वे हुआ था, उसी सूची के आधार पर अब तक आवास स्वीकृत होते रहे। बीते वर्षों में कई नए परिवार बने, जबकि अनेक पात्र परिवार सूची से छूट गए थे। इन्हीं छूटे हुए परिवारों को योजना का लाभ देने के लिए पुनः सर्वे कराया गया है।

बीडीओ ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जांच टीम को सही जानकारी दें और पूरा सहयोग करें। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को अपात्र मानते हुए भी योजना का लाभ ले रहा है, तो वह स्वेच्छा से इसकी जानकारी दे सकता है।
कौन होंगे अपात्र, कौन होंगे पात्र

दिशा-निर्देशों के अनुसार जिनके पास पहले से पक्का मकान, चार पहिया वाहन, सरकारी नौकरी, स्थायी आय का स्रोत या आयकर भुगतान की स्थिति है, वे पीएम आवास योजना के लिए अपात्र माने जाएंगे और उनके नाम सूची से हटाए जाएंगे।

वहीं, जिनके पास पक्का घर नहीं है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, जिनके पास महंगे वाहन या मशीनरी नहीं है और जिन्होंने पहले किसी आवास योजना का लाभ नहीं लिया है, वे पात्र माने जाएंगे।

प्रशासन का कहना है कि अपात्रों के नाम हटाने और घर-घर सत्यापन का यह निर्णय योजना में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम है। यदि अभियान ईमानदारी से पूरा हुआ, तो निश्चित रूप से वास्तविक गरीब और बेघर परिवारों को उनका हक मिलेगा और ग्रामीण आवास व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
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