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उत्तराखंड को मिलेगी Cyber ​​Security Centre of Excellence की सौगात, ठग व अपराधियों का डाटा होगा तैयार

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- केंद्र व राज्य सरकार की ओर से बनाया जाएगा सेंटर, 20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव हुआ तैयार
- उत्तराखंड के स्टेट डाटा सेंटर पर दो अक्टूबर 2024 को हुआ था साइबर अटैक, मांगे थे रुपए
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सोबन सिंह गुसांई, देहरादून। प्रदेश को इस साल साइबर सिक्योरिटी सेंटर आफ एक्सीलेंस (सीसीओई) की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। बढ़ते साइबर अपराध के मामलों में नकेल कसने के लिए सीसीओई कारगार साबित होगा, क्योंकि सेंटर की स्थापना होने से जहां नए-नए शोध होंगे वहीं साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए एक्सपर्ट भी तैयार होंगे। माना जा रहा है कि साइबर सिक्योरिटी सेंटर आफ एक्सीलेंस उत्तराखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगा। सीसीओई केंद्र सरकार व राज्य सरकार की ओर से तैयार किया जाएगा, जिसके लिए 20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है।


2 अक्टूबर 2024 को सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) ने अचानक काम करना बंद कर दिया, इसके बाद अन्य सिस्टमों को चेक किया गया तो वो भी काम नहीं कर रहे थे, जिसकी जानकारी आईटीडीए (सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी) को दी गई। जब आइटीडीए के सर्वर को देखा गया तो सर्वर के सभी फोल्डर पर हैकिंग संबंधित मैसेज दिखाई दे रहा था। हैकिंग करने वाले व्यक्ति ने संपर्क करने के लिए मेल आईडी दी थी, साथ ही भुगतान के बाद डाटा सुरक्षित उपलब्ध कराए जाने कि इस जानकारी दी थी।


अब तक हुए सबसे बड़े साइबर अटैक के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साइबर अपराधियों से निपटने के लिए साइबर सिक्योरिटी सेंटर आफ एक्सीलेंस (सीसीओई) की घोषणा की। सेंटर खोलने के लिए धोरणखास में जमीन चिह्नित की गई है। सेंटर तैयार करने के लिए उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। एसटीएफ की ओर से सेंटर के लिए सात मंजिला बिल्डिंग का डिजाइन भी तैयार कर दिया है। जल्द ही पुलिस विभाग व भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) रुड़की की संयुक्त टीम गठित कर निर्माण व उपकरण खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

साइबर ठग व अपराधियों का डाटा होगा तैयार
सरकार की ओर से एसटीएफ, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन व एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सुदृढ करने के लिए मानवशक्ति बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल अपराधियों की तकनीकी रूप से सूचना संकलन कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, साइबर ठग व अपराधियों के गिरोह का पूरा डाटा भी तैयार किया जाएगा, ताकि कहीं भी साइबर अटैक या बड़ी अपराधिक घटना होने पर उन्हें आसानी से पकड़ा जा सके।

वर्ष 2025 में साइबर अपराध के केसों पर एक नजर

  • कुल शिकायतें - 25000
  • कुल ठगी की रकम - 117 करोड़ रुपये
  • होल्ड व सुरक्षित धनराशि - 27.2 करोड़ रुपये


  


साइबर सिक्योरिटी सेंटर आफ एक्सीलेंस (सीसीओई) के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। केंद्र व राज्य सरकार की ओर से सीसीओई की स्थापना की जानी है। जल्द ही इस संबंध में बैठक होनी है, जिसमें पूरी रूपरेखा तैयार की जाएगी। - आलोक कुमार पांडेय, निदेशक आइटीडीए

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