भोपाल में नाले के बीच से गुजरती पेयजल पाइपलाइन।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। राजधानी में विकास के दावे कितने ही स्मार्ट क्यों न हों, लेकिन हकीकत यह है कि शहर की बुनियादी जलप्रदाय व्यवस्था ही पाइप लाइन लीकेज की तरह \“लीक\“ हो रही है। 2025 दिसंबर माह के आंकड़ों ने नगर निगम की पोल खोल दी है।
महापौर हेल्पलाइन पर पानी की समस्या को लेकर दिसंबर माह कुल 104 शिकायतें दर्ज हुईं, यानी हर दिन औसतन तीन नागरिकों को अपनी परेशानी दर्ज करानी पड़ी। अयोध्या नगर, करोंद, भानपुर, कोलार और कटारा क्षेत्र के नागरिकों ने जलप्रदाय से संबंधित महापौर हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करवाई हैं।
चौकाने वाली बात यह है कि यह वही इलाके हैं, जहां खुले में बहता सीवेज नागरिकों के लिए लंबे समय से परेशानी का सबब बना हुआ है। इसके बाद भी वाटर डिस्ट्रब्यूशन नेटवर्क को बदला नहीं जा रहा।
सुधरने के बजाय बढ़ा शिकायतों का ग्राफ
आंकड़े बताते हैं कि स्थिति बेहतर होने के बजाए चिंताजनक हो रही है। 4 नवंबर को जहां 76 शिकायतें थीं, वहीं 9 दिसंबर तक यह संख्या 90 और महीने के अंत तक 104 पहुंच गया। इनमें केवल दूषित पानी ही नहीं, लीकेज व लो-प्रेशर और अनियमित सप्लाई जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं।
ये हैं शहर के डेंजर जोन
महापौर हेल्पलाइन की समीक्षा में सामने आया कि नगर निगम के जोन 16, 17, 18 और 19 शिकायतों के केंद्र बन गए हैं। पुराने भोपाल के वार्ड 65 से 79 तक और कोलार से कटारा के वार्ड 80 से 85 तक के रहवासी पानी को लेकर तरह-तरह की परेशानियों से जूझ रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि इंदौर की घटना के बाद भी राजधानी का जलकार्य विभाग केवल सैंपलिंग के नाम पर फाइलें भर रहा है, जबकि पाइप लाइन में हो रहे लीकेज को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे।
इन वार्डों की जनता पानी की समस्या से परेशान
वार्ड क्रमांक -- वार्ड का नाम
65 -- गोंविदपुरा औद्योगिक क्षेत्र
68 -- अयोध्या नगर
73 -- भोपाल मेमोरियल अस्पताल
74 -- भानपुर
75 -- बड़बाई
76 -- छोला
77 -- रुसल्ली
78 -- करोंद
79 -- नवीबाग
80 -- सर्वधर्म कोलार
81 -- दानिशकुंज
83 -- सनखेड़ी
81 -- कान्हाकुंज
84 -- रतनपुर सड़क
85 -- कटारा
जलप्रदाय से संबंधित शिकायत का तुरंत निराकरण किया जा रहा है। किसी शिकायत का लंबित नहीं रखा जा रहा। पानी की सैंपलिंग बढ़ा दी गई है। सभी जगह विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
- तन्मय वशिष्ठ शर्मा, अपर आयुक्त नगर निगम |
|