सांकेतिक तस्वीर।
पीटीआई, नई दिल्ली। लोकपाल ने सात बीएमडब्ल्यू कारों की खरीद के लिए जारी अपनी विवादास्पद निविदा को अब रद कर दिया है। इन लग्जरी कारों की खरीद के लिए जारी टेंडर को दो महीने बाद रद किया गया है।
जब निविदा जारी करने की खबर आई थी, तब विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महंगी कारों की खरीद को लेकर लोकपाल की तीखी आलोचना की थी। यह माना जा रहा है कि इस विवाद के कारण अब यह कदम उठाया गया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
अधिकारियों के अनुसार, टेंडर रद करने का निर्णय लोकपाल की पूर्ण पीठ ने लिया। इस संबंध में 16 दिसंबर को एक औपचारिक संशोधन जारी किया गया। भ्रष्टाचार रोधी संस्था लोकपाल ने 16 अक्टूबर को सात बीएमडब्ल्यू तीन सीरीज 330एलआइ कारों की खरीद के लिए टेंडर जारी किया था।
इन कारों की कुल अनुमानित कीमत करीब पांच करोड़ रुपये बताई गई थी। ये कारें लोकपाल के अध्यक्ष और सभी सदस्यों के लिए खरीदी जानी थी। वर्तमान में लोकपाल में एक अध्यक्ष और छह सदस्य हैं। बीएमडब्ल्यू कारों की खरीद के लिए टेंडर सामने आते ही इसकी आलोचना शुरू हुई थी और विपक्षी दलों ने इसे लोकपाल की भूमिका और मूल भावना के विपरीत बताया था।
कांग्रेस ने लोकपाल पर तंज कसते हुए कहा था कि यह अब लोकपाल नहीं बल्कि \“शौकपाल\“ बन गया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम समेत कई विपक्षी नेताओं ने लोकपाल को बीएमडब्ल्यू कारों की खरीद के लिए निविदा जारी करने पर घेरा था। नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने मांग की थी कि लोकपाल टेंडर को रद करे और भारत में निर्मित इलेक्टि्रक वाहनों का विकल्प चुने। |