डेंगू से संबंधित सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बीते पांच वर्ष की अवधि में वर्ष 2025 में डेंगू के सबसे कम मरीज और लोगों की मौत हुई है। एमसीडी की रिपोर्ट के अनुसार 27 दिसंबर तक डेंगू के 1493 मरीजों की हुई पुष्टि हुई है। वहीं, चार लोगों की मौत भी हुई है जो कि पांच साल में सबसे कम है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
इससे पूर्व 2021 में पांच वर्षों की तुलना में सर्वाधिक मरीज दर्ज हुए थे। इसमें 9613 डेंगू के मरीज और 23 लोगों की मौत शामिल थी। जबकि 2022 में 4469 मरीज और नौ लोगों की मृत्यु थी। इसी तरह 2023 में 9266 मरीज और 19 लोगों की मौत, 2024 में 6287 और 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी। उल्लेखनीय है कि एमसीडी ने डेंगू से लोगों की मौत की पुष्टि पांच नवंबर को थी। जबकि अभी और दो लोगों की मौत की पुष्टि की है।
2025 में मलेरिया के 741 मामलों की पुष्टि
डेंगू से अतिरिक्त बात करें तो मलेरिया के 2025 में 741 मामलों की पुष्टि हुई थी और चिकनगुनिया के 180 मरीजों की पुष्टि हुई थी। मलेरिया के मरीज 2021 में मलेरिया के 167, 2022 में 263, 2023 में 426, 2022 में 792 मरीजों की पुष्टि हुई थी। 2022 व 2023 में एक-एक मरीज की मलेरिया से मृत्यु हुई थी। इसी प्रकार चिकनगुनिया के मरीज पिछले साल की तुलना में कम हैं।
2021 में चिकनगुनिया के 89, 2022 में 48, 2023 में 65, 2024 में 267 मरीजों की पुष्टि हुई थी। जनस्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पांच साल में मरीजों की संख्या कम होने की बड़ी वजह क्षेत्रीय स्तर पर जागरुकता अभियान और केंद्रीय स्तर पर निगरानी है।
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष वर्षा भी खूब हुई थी बावजूद हमने निर्माण स्थलों से लेकर आवासीय परिसरों और सरकारी दफ्तरों में निगरानी की टीमें तैनात की। इतना ही नहीं समय पूर्व लोगों को चेताकर स्थिति में सुधार करवाया। जिसकी वजह से मामलों को कम करने में हमें सफलता मिली है।
अधिकारियों का कहना है कि 2026 के लिए भी विशेष कार्ययोजना बनाई है जिसे इस वर्ष भी लागू करके और मरीजों की संख्या कम की जाएगी। हम मच्छरों की उत्पत्ति के लिए हाटस्पाट को खत्म करने का काम कर रहे हैं। तालाबों में गंबूजिया मछली डालकर मच्छरों की उत्पत्ति को रोका गया है। हमने 278 स्थानों पर तालाबों में गंबूजिया मछली को डाला जो कि मच्छर का लार्वा बनते ही उसे खा जाती है। |