रिटायर्ड IG अमर सिंह चहल का फाइल फोटो।
जागरण संवाददाता, पटियाला। रिटायर्ड आईजी अमर सिंह चहल से आठ करोड़ 10 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वालों ने मजदूरों के नाम पर सिम कार्ड लेकर इन्हें इकट्ठा किया हुआ था। पटियाला पुलिस की टीम ने लोकल पुलिस थाने की टीम के साथ मिलकर दो लोगों को काबू कर 400 सिम कार्ड कब्जे में लिए हैं और सिम कार्ड की रिकवरी की कार्यवाही अभी जारी है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
मौके से दस स्मार्टफोन मिले हैं, जो वर्किंग हालत में थे। इसके अलावा अन्य फोन बंद पड़े थे। इन मोबाइल फोन की वेरीफिकेशन जारी है। अभी पुलिस टीम को पटियाला वापिस लौटने में दो से तीन दिन लगेंगे। बता दें कि साइबर ठगी का शिकार होने के बाद मानसिक रूप से परेशान चल रहे रिटायर्ड आईजी चहल ने 22 दिसंबर को खुद को गोली मारकर आत्महत्या की कोशिश की थी।
खुदकुशी करने से पहले उन्होंने 12 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था, जिसे डीजीपी गौरव यादव व अपने सीनियर पुलिस अधिकारी दोस्तों को भेज दिया था। सीनियर पुलिस अधिकारियों के जरिए पटियाला पुलिस को सूचना मिली तो थाना अर्बन एस्टेट प्रभारी गुरप्रीत समराओ ने दीवार फांद आईजी को जख्मी हालत में रेस्कयू करते हुए नजदीक अस्पताल में दाखिल करवा दिया था।
घटना के बाद सातवें दिन रिटायर्ड आईजी चहल ने खुद की वीडियो जारी कर तंदरूस्त होने की जानकारी सांझा की है। वहीं पटियाला पुलिस इस मामले में अब तक सवा तीन करोड़ रुपये की राशि फ्रीज करवा चुकी है और दस से अधिक बैंक खातों को अभी भी टेक्निकल टीम खंगाल रही है। |