रायबरेली वालों को मिलने वाला है नया पिकनिक स्पॉट - (तस्वीर - एआई)
जागरण संवाददाता, रायबरेली। जिले में रेलवे की खाली पड़ी भूमि पर स्थित तालाबों को अब नई पहचान मिलने जा रही है। रेलवे प्रशासन ने ऐसे तालाबों को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिन्हें सौन्दर्यकरण कर पर्यटन स्थल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही इन तालाबों को मत्स्य पालन के लिए भी लीज पर देने की योजना है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
श्रीराजनगर से रायबरेली , रायबरेली -रूपामऊ , रायबरेली से अरखा,दरियापुर से डलमऊ, ऊंचाहार से रघुराजसिंह स्टेशन के मध्य रेलवे की भूमि पर कई तालाब हैं, जो अभी तक उपेक्षित अवस्था में हैं। इन तालाबों की सफाई, गहरीकरण और सौन्दर्यकरण कर उन्हें आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा। तालाबों के चारों ओर पाथवे, बैठने की व्यवस्था, लाइटिंग, हरियाली और सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि लोग यहां समय बिता सकें।
योजना के तहत जनवरी के अंतिम सप्ताह तक चयनित तालाबों को पर्यटन स्थल के रूप में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न केवल रेलवे की भूमि का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि जिले में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मत्स्य पालन के लिए तालाबों को लीज पर दिए जाने से स्थानीय मछुआरों और स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
इससे स्वरोजगार को भी प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। तालाबों के विकास में पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाएगा। पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ जैव विविधता को बढ़ावा देने के उपाय किए जाएंगे। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से तालाबों के किनारे रेलिंग और चेतावनी बोर्ड भी लगाए जाएंगे।
रेलवे के इस कदम से रायबरेली में न केवल सौन्दर्यकरण होगा, बल्कि आमजन को घूमने-फिरने के लिए नए स्थान भी मिलेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि आने वाले समय में ये तालाब जिले की पहचान बनेंगे। मंडल वाणिज्य प्रबंधक कुलदीप तिवारी का कहना है कि रेलवे के परिधि में आने वाले तालाबों को चिन्हित करके उनका सौन्दर्यीकरण किया जाएगा । जिन्हे लीज पर मत्स्य पालन हेतु भी आवंटित किया जाएगा। इसको लेकर वाणिज्य निरीक्षक से तालाबों की सूची मांगी गई है। |