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तिरुपति बालाजी मंदिर चोरी कांड: क्लर्क ने कैसे बनाई 100 करोड़ की संपत्ति? HC ने फिर खोला केस

Chikheang 2025-12-29 21:57:52 views 1043
  

तिरुपति बालाजी मंदिर चोरी कांड (फाइल फोटो)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया के सबसे अमीर मंदिर तिरुपति बालाजी में भक्तों के चढ़ावे से दशकों तक चोरी करने वाला मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। क्लर्क सीवी रवि कुमार अप्रैल 2023 में CCTV पर संदिग्ध व्यवहार करते पकड़ा गया। कबूलनामे उसने कहा कि वह मंदिर में 20 साल से अधिक समय तक चोरी की, जिससे चेन्नई, तिरुपति व हैदराबाद में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां खरीदी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

यह पूरा मामला लोक अदालत में समझौते के बाद बंद हो गया था। अब आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने सेटलमेंट रद कर CID से नई जांच के आदेश दिए हैं, जिससे बड़े कवर-अप के आरोप लग रहे हैं।
यह है पूरा मामला

सीवी रवि कुमार तिरुपति के मशहूर मंदिर में एक छोटा कर्मचारी था, उसे हर दिन करोड़ों रुपये के चढ़ावे गिनने का काम सौंपा गया था। दशकों तक उसने चुपचाप बहुत सारा पैसा चुराया और अपनी प्रॉपर्टी खरीदी। जब तक यह घोटाला सामने नहीं आया पकड़े जाने के बाद भी उसे कोई सजा नहीं मिली।

1990 के दशक की शुरुआत मेंसीवी रवि कुमार पेद्दा जीयनगर मठ में शामिल हुआ। वह तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर मंदिर के आध्यात्मिक मामलों की देखरेख करता है। तब वह मुश्किल से 20 साल का था। तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर मंदिर के आध्यात्मिक मामलों की देखरेख करता है। तब वह मुश्किल से 20 साल का था।

2023 तक वह एक क्लर्क के रूप में काम कर रहा था और इसके सबसे संवेदनशील कामों में से एक को संभाल रहा था। तिरुपति बालाजी मंदिर में हर दिन दान की गिनती की देखरेख करना, जो हर दिन 4 करोड़ से 6 करोड़ रुपए के बीच होता था।
कैसे बनाई संपत्ति?

अप्रैल 2023 तक, जब रातों-रात यह दिखावा खत्म हो गया। सीसीटीवी फुटेज देख रहे एक सुरक्षा गार्ड ने देखा कि रवि कुमार मंदिर के पैसे गिनने वाले केंद्र में अजीब व्यवहार कर रहा है। इसके बाद तलाशी ली गई, और रवि कुमार अपनी जांघों के बीच छिपाए हुए नौ 100 डॉलर के नोटों के साथ पकड़ा गया। वह शायद ही कह सकता था कि वह निर्दोष है, लेकिन वह यह दावा कर सकता था कि यह एक बार की बात थी, कि वह बहुत मुश्किल में था और सिर्फ एक बार लालच में आ गया था, 30 से ज़्यादा सालों की वफ़ादार सेवा में सिर्फ एक गलती।

पूछताछ के दौरान उसने चौंकाने वाला खुलासा किया और बताया कि 20 से ज्यादा सालों से पैसे जमा कर रहा था; कि उसने उस पैसे का इस्तेमाल चेन्नई, तिरुपति और हैदराबाद में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए किया था और अब उसका बाजार मूल्य लगभग 100 करोड़ रुपए था।

30 मई को तिरुमाला पुलिस ने तिरुपति में अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोर्ट में मामले में चार्जशीट दायर की। फिर 9 सितंबर, 2023 को TTD के सहायक सतर्कता और सुरक्षा अधिकारी वाई सतीश कुमार ने चोरी के मामले के शिकायतकर्ता और रवि कुमार ने तिरुपति में लोक अदालत से संपर्क किया, यह कहते हुए कि वे समझौता करना चाहते हैं। लोक अदालत ने मामले का निपटारा कर दिया और रवि कुमार को बरी कर दिया था। वहीं, अब एक बार फिर आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने सेटलमेंट रद कर CID से नई जांच के आदेश दिए हैं। (समाचार एजेंसी के इनपुट के साथ)

यह भी पढ़ें- तिरुपति मंदिर में 10 साल तक चढ़ाए गए सिल्क की जगह पॉलिएस्टर के दुपट्टे, लड्डू के बाद हुआ एक और घोटाला


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