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Madhubani : मधेपुर बना फिर नशे का अड्डा? 1800 बोतल कोडीन कफ सिरप जब्त

cy520520 2025-12-17 22:38:25 views 456
  

थाना पर कार्टन में बरामद कफ सिरप। जागरण  



संवाद सहयोगी, मधेपुर (मधुबनी)। मधेपुर थाना पुलिस ने एक बार फिर 15 कार्टन में 1800 बोतल कोडीन युक्त प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किया है। यह बरामदगी थाना क्षेत्र के कुर्सौ गांव में एक मवेशी घर से किया गया।

इस बाबत पुलिस ने कुर्सौ गांव निवासी सच्चिदानंद सिंह के पुत्र सौरभ सिंह तथा मधेपुर हनुमान चौक निवासी अशोक पूर्वे के पुत्र सोनू पूर्वे को आरोपी बनाया है। मधेपुर में लगातार बरामद हो रहे कोडीन युक्त कफ सिरप में यह अबतक की सबसे बड़ी खेप है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

बताते चलें कि आरोपी सौरभ सिंह के पिता सच्चिदानंद सिंह मधेपुर थाना में दफादार के रुप में कार्यरत हैं। बरामद कफ सिरप का प्रतिबंधित होने की पुष्टि ड्रग इंस्पेक्टर छह गोविंदर कुमार ने मधेपुर थाना पर अपने जांच के दौरान किया है। जबकि आरोपी खुद मधेपुर पीएचसी के निकट दवा दुकान चलाता है।

यहां यह भी गौरतलब है कि इस वर्ष दर्ज ऐसे कुल चार मामलों में तीन मामला दवा का करोबार करने वालों से जुड़ा है, जबकि एक मामला चाय दुकानदार से। मधेपुर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर विश्वजीत कुमार ने बताया कि मंगलवार शाम सूचना मिली कि कुर्सौ गांव में एक जगह पर भारी मात्रा में कोडीन युक्त प्रतिबंधित कफ सिरप छुपाकर रखा गया है।

तुरंत ही एसआई कंचन कुमार सिंह तथा एसआई टी पी सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम को कुर्सौ गांव में चिन्हित स्थान पर भेजा गया। जैसे ही पुलिस की गाड़ी चिन्हित जगह पर पहुंची वहां अवस्थित एक मवेशी घर से दो लोग निकलकर भागे। पुलिस द्वारा पीछा करने पर भी दोनों भागे व्यक्ति पुलिस को चकमा देने में सक्षम रहे।

भागे दोनों व्यक्ति की पहचान सौरभ सिंह तथा सोनू पूर्वे की रुप में पहचान की गई। पुलिस द्वारा मवेशी घर का विधिवत तलाशी लेने पर वहां 15 कार्टन पाया गया। उपस्थित लोगों द्वारा प्रतिबंधित कफ सिरप का शंका व्यक्त करने पर दंडाधिकारी के रुप में सीओ नीतीश कुमार को बुलाया गया। उनके समक्ष में कार्टन खोलने पर कुल 1800 बोतल कफ सिरप बरामद किया गया। जिसे पुलिस द्वारा जब्त कर लिया गया।
कोडिन युक्त कफ सिरप के गिरफ्त में मधेपुर

मधेपुर में कोडिन युक्त कफ सिरप का बाजार तेजी से अपना पैर फैला रहा है। कुछ दवा दुकानों के अलावा चाय दुकानों सहित अन्य जगहों पर धड़ल्ले से बिक रहा है। हालांकि इस मामले को लेकर पुलिस की सक्रियता बढ़ी है, लेकिन जहां इनकी पहुंच सुलभ नहीं है वहां बिक्री जारी है। इस वर्ष अबतक एनडीपीएस एक्ट के तहत मधेपुर थाना में तीन केस दर्ज हो चुके हैं।

पहला केस - 09 मई को दर्ज किया गया। जिसमें कुल तीन व्यक्ति को नामजद किया गया। इस मामले में पुलिस को उस वक्त सफलता मिली थी, जब वाहन चेकिंग के दरम्यान थाना क्षेत्र के फटकी कुटी के पास शंका के आधार पर एक बाइक पर सवार दो लोगों को रोका गया था।

दोनों ने पुलिस को देखते ही बाइक छोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस द्वारा खदेड़कर पकड़ लिया गया। पुलिस को इनकी बाइक में टंगा एक झोला का तलाशी लेने पर उनमें 139 बोतल कोडिन युक्त कफ सिरप मिला था। इन दोनों से जब पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो उन्होंने मधेपुर न्यू बस स्टैंड स्थित एक दवा दुकान से खरीद कर बेचने के लिये ले जाने की बात कही। बाद में पुलिस द्वारा छापेमारी के बाद सम्बंधित दुकान से 977 बोतल कोडिन युक्त कफ सिरप तथा 11767 पीस नशा में प्रयुक्त होने वाले कैप्सूल तथा टैबलेट बरामद किया गया।

केस 2- 29 नवंबर की देर शाम पुलिस ने एक चार चक्का वाहन से बारह कार्टन में सौ एमएल का 1440 बोतल कोडिन युक्त कफ सिरप बरामद किया। इस मामले में पुलिस ने मधेपुर पछवारी टोला के तीन लोगों को आरोपी बनाया है। जिसमें अब्दुल समद का लड़का मो सद्दू, नाजीम अली उर्फ आलम मुखिया के पुत्र मो नदीम तथा मो फजले के पुत्र लड्डन शामिल है। इसके अलावा पुलिस ने इस कांड में बरामद चार चक्का वाहन तथा उसमें लगे फास्ट टैग धारक को भी नामजद किया है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में कोई गिरफ्तार नहीं हुई है।
केस - 3- बीते मंगलवार को एक अन्य मामले में पुलिस ने फिर 50 बोतल कोडिन युक्त कफ सिरप के साथ अर्जुन कुमार मंडल नामक एक युवक को स्थानीय हनुमान चौक के पास से पकड़ा। जिसपर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार युवक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

जानकारों की मानें तो मधेपुर प्रखंड मुख्यालय से लेकर गांवों तक अब यह कोडिन युक्त कफ सिरप ने पांव जमा लिया है। नशे के आदी लोग इसे पीते हैं। इसके सेवन के बाद मुंह से गंध भी नहीं आता है। यह जानलेवा नशा दवा दुकानों के अलावा चाय की टपरी व अन्य कई चिन्हित जगहों पर आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
क्या कहते हैं थानाध्यक्ष

मधेपुर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर विश्वजीत कुमार ने बताया कि पुलिस ऐसे धंधेबाजों पर कड़ी निगाह रख रही है। जबकि कुछ दिन पूर्व डीआई छह गोविंदर कुमार ने बताया कि मेरे विभाग द्वारा अक्सर इस बाबत दवा दुकानों की जांच की जाती है। उन्होंने बताया कि मधेपुर न्यू बस स्टैंड स्थित एक दुकान में इस तरह के एक मामले में पुलिस द्वारा केस दर्ज करने के उपरांत उक्त दुकान का अनुज्ञप्ति रद्द कर दिया गया। अगर आगे भी किसी दुकान का इस प्रकार के मामले में हाथ पाया गया तो विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
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