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फर्जी आयकर अधिकारी बनकर एक किलो सोना लूटने वाला गिरफ्तार, पुलिस ने 130 ग्राम Gold और बाइक बरामद की

Chikheang 2025-12-17 16:37:08 views 1011
  



जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आयकर विभाग और पुलिस अधिकारी बनकर ज्वेलरी वर्कशॉप में फर्जी रेड डालकर करीब एक किलो सोना लूटने के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से लूट का 130.162 ग्राम सोना और वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की गई है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

गिरफ्तार आरोपी की पहचान शेख अकबर उर्फ शेख अकरम (49) निवासी डी-डी-ए फ्लैट्स, मदनगीर, डॉ. अंबेडकर नगर, दक्षिण दिल्ली के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ थाना प्रसाद नगर में दर्ज एफआईआर संख्या 577/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है।

27 नवंबर 2025 को थाना प्रसाद नगर में करोल बाग इलाके में स्थित एक ज्वेलरी मेकिंग वर्कशॉप के मालिक ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, पांच से छह लोग उसकी वर्कशॉप में घुसे थे। इनमें से एक व्यक्ति दिल्ली पुलिस की फर्जी वर्दी में था, जबकि चार अन्य खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बता रहे थे।

आरोपियों ने सबसे पहले ज्वेलर और वहां काम कर रहे कर्मचारियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए। इसके बाद उन्होंने फर्जी तलाशी के नाम पर वर्कशॉप से करीब एक किलो एक ग्राम सोना निकाल लिया। जाते-जाते आरोपी सीसीटीवी डीवीआर भी उखाड़कर ले गए, ताकि उनकी पहचान न हो सके। इस मामले में जांच के दौरान सेंट्रल जिला पुलिस ने पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन शेख अकरम फरार चल रहा था।

क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज को आरोपी शेख अकरम की दक्षिण दिल्ली में मौजूदगी की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर सुनील कुमार कालखंडे के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। यह कार्रवाई डीसीपी क्राइम विक्रम सिंह और एसीपी राजबीर मलिक की निगरानी में की गई।

14 दिसंबर 2025 को टीम ने सीआर पार्क स्थित माल्होत्रा बी एंड बी में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान तकनीकी और मैनुअल सर्विलांस के जरिए पुख्ता की गई।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने जुर्म को कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर 130.162 ग्राम लूटा हुआ सोना, पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की गई, जिसका इस्तेमाल वारदात में किया गया था।

पुलिस के अनुसार, शेख अकरम करीब 16–17 साल पहले दिल्ली आया था और करोल बाग इलाके में अलग-अलग ज्वेलरी वर्कशॉप में काम कर चुका है। इसी दौरान उसकी पहचान मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड परमिंदर से हुई, जो एक सरकारी कर्मचारी है। आरोपी ने परमिंदर को करोल बाग के ज्वेलरी प्रतिष्ठानों की जानकारी दी, जिसके बाद फर्जी रेड डालकर आसान पैसे कमाने की साजिश रची गई।

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