जेएनसीयू की सुस्ती से 30 हजार छात्रों की ई-केवाईसी अटकी।
जागरण संवाददाता, बलिया। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत सरकार उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को स्मार्टफोन और टैबलेट उपलब्ध करा रही है, ताकि वह डिजिटल रूप से सशक्त हों और पढ़ाई में तकनीक का अधिक उपयोग कर सकें। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
दूसरी ओर जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध 139 महाविद्यालयों में स्थिति चिंताजनक है। यहां कुल 30 हजार 201 छात्रों की ई-केवाईसी ‘मेरी पहचान’ पोर्टल पर अब तक लंबित है। इससे वे योजना के लाभ से वंचित होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन की सुस्ती, तकनीकी प्रक्रिया में लापरवाही और कालेजों की तरफ से छात्रों को पर्याप्त जागरूक न करना ही इस समस्या की प्रमुख वजह मानी जा रही हैं। कई कालेजों ने छात्रों को न तो ई-केवाईसी की समय-सीमा बताई न ही आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध कराई। इसके चलते बड़ी संख्या में फॉर्म अधूरे रह गए।
डीजी शक्ति पोर्टल के अनुसार विवि और संबद्ध महाविद्यालयों के 19 हजार 742 छात्रों का डेटा अलग से ब्लाक है। डेटा ब्लाक और ई-केवाईसी अधूरी होने की वजह से डिवाइस वितरण की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना की समीक्षा कर जेएनसीयू और इससे संबद्ध सभी कालेज को छात्रों की ई-केवाईसी करने के निर्देश दिए जाएंगे। कोशिश होगी कि सभी पात्र छात्र-छात्राओं को योजना का लाभ मिले। -डॉ. रमेश कुमार सिंह, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, आजमगढ़। |
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