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वित्तीय अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई, खंडिया की प्रधान साबरी बेगम पदमुक्त, DM का बड़ा फैसला

cy520520 2025-12-8 22:09:32 views 795
  

प्रतीकात्‍मक च‍ित्र



जागरण संवाददाता, रामपुर। जिला अधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने तीन लाख रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर खंडिया की प्रधान साबरी बेगम को पद मुक्त कर ग्राम प्रधान पद को रिक्त घोषित किया गया है। यह कार्रवाई ग्रामीणों की शिकायत पर गणित जांच समिति में आरोप सही पाए जाने पर की गई है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

मामला यह है कि सैदनगर ब्लाक के गांव खंंडिया के नफीस अहमद आदि ने शिकायती पत्र छह व 18 जुलाई 2024 को दिया था। 29 जुलाई 2024 को जिला युवा कल्याण अधिकारी, एवं नलकूप के अधिशासी अभियंता को जांच अधिकारी नामित करते हुए जांच के निर्देश दिए थे।

जिला युवा कल्याण अधिकारी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उनके स्थान पर जिला कार्यक्रम अधिकारी को जांच अधिकारी नामित करते हुए प्रकरण की जांच के निर्देश दिए गए। प्रारंभिक जांच आख्या में अनियमितता पाए जाने पर तीन दिसंबर 2024 को ग्राम प्रधान साबरी बेगम को कारण बताओ नोटिस देकर एक पक्ष के अंदर स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने को निर्देशित किया गया।

ग्राम प्रधान साबरी बेगम द्वारा अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराया। इस पर 13 जनवरी 2025 को ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को प्रतिबंधित करते हुए ग्राम प्रधान के विरुद्ध अंतिम जांच को जिला विकास अधिकारी एवं अधिशासी अभियंता, आरईडी को अधिकारी नामित किया था।

ग्राम प्रधान ने इस आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय में रिट की गई, जिसमें उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा 17 मई 2025 को पारित आदेश का पालन करते हुए ग्राम प्रधान के स्पष्टीकरण 19 दिसंबर 2024 काे पुनः परीक्षण कर आख्या प्रस्तुत किए जाने को निर्देशित किया गया। इस तरह कई बार हुई जांच पड़ताल में अनियमितता सामने आई।

जिला पंचायत राज अधिकारी के द्वारा ग्राम प्रधान साबरी बेगम को पत्र जारी कर 15 दिन में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बाद में वित्तीय वर्ष 2023-24 में 158190 रुपये दर्शाते हुए भुगतान को संदिग्ध बताया गया। प्रकरण की अंतिम जांच को नामित समिति द्वारा उपलब्ध कराई जांच आख्या में 315227 रुपये की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई।

इस पर ग्राम प्रधान साबरी बेगम, प्रधान को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इनके जवाब के बाद कुल 315227 रुपये की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई। जिसके क्रम में ग्राम प्रधान का जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पारित आदेशों के क्रम में ग्राम प्रधान एवं शिकायतकर्ता ध्यान सिंह (दोनों पक्ष) को 11 नवंबर 2025 को कार्यालय में सुनवाई को बुलाया गया।

पति रहीश अहमद ने ग्राम प्रधान का पक्ष रखा एवं शिकायतकर्ता ध्यान सिंह ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। इस दौरान प्रधान को उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 95 (1) 7 की उप धारा (तीन) में दिए प्रविधानों के उल्लंघन का दोषी पाये जाने पर ग्राम प्रधान साबरी बेगम को जिलाधिकारी ने प्रधान पद से मुक्त करते हुए ग्राम पंचायत खंडिया का प्रधान पद रिक्त घोषित किया गया है।

  

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