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हरियाणा में गायकों के बाद अब खिलाड़ियों पर नजर, सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन पड़ेगा भारी

deltin33 2025-12-8 21:11:11 views 838
  

हरियाणा में खिलाड़ियों पर सख्ती, सोशल मीडिया पर हथियार दिखाने पर लगा बैन।



राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा ओलंपिक संघ ने राज्य के खिलाड़ियों के लिए आचार संहिता जारी की है। इसके तहत राज्य का कोई भी खिलाड़ी यदि इंटरनेट मीडिया पर हथियारों के साथ फोटो या वीडियो अपलोड करता है, तो उसे राज्य स्तरीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने से प्रतिबंधित किया जा सकता है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने पर निलंबन, अनुशासनात्मक कार्रवाई, कानूनी जांच तथा उनके खेलों से जुड़े संबंधित प्राधिकरणों को लिखित में सूचना भेजने जैसे कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।

हरियाणा ओलंपिक संघ के अध्यक्ष कैप्टन जसविंद्र सिंह (मीनू बेनीवाल) की ओर से खिलाड़ियों के लिए यह आचार संहिता जारी की गई है। पिछले दिनों हुई एसोसिएशन की बैठक में इस बात पर चिंता जताई गई थी कि खिलाड़ी अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर ऐसी फोटो और वीडियो अपलोड करते हैं, जिनसे गलत संदेश जाता है।

हरियाणा सरकार पहले ही उन गायकों के गानों पर प्रतिबंध लगा चुकी है, जिनके गानों में अपराध और अपराधियों के साथ हथियारों को प्रोत्साहित किया जाता है। अब खिलाड़ियों को ऐसा व्यवहार करने से रोका जा रहा है। हरियाणा ओलंपिक संघ की यह आचार संहिता खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके प्रशिक्षकों पर भी समान रूप से लागू होगी।

कैप्टन मीनू बेनीवाल ने बताया कि कुछ खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों द्वारा बंदूकें, हथियारों और हिंसा से जुड़े वीडियो और तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर इसलिए जमकर प्रसारित की जाती हैं, ताकि उन्हें व्यूज मिलें। इन घटनाओं को न केवल खेलों की गरिमा के खिलाफ माना गया, बल्कि युवाओं के लिए गलत संदेश फैलाने वाला बताया गया है।

उन्होंने बताया कि एसोसिएशन ने यह कदम अधिवक्ता राजनारायण पंघाल द्वारा दर्ज की गई शिकायत और हरियाणा के अर्जुन पुरस्कार तथा भीम पुरस्कार विजेताओं सहित कई दिग्गज खिलाड़ियों द्वारा उठाए गए कड़े विरोध के बाद भी लिया है। सभी ने इस प्रवृत्ति को खेलों की आत्मा के खिलाफ बताते हुए हरियाणा ओलंपिक संघ से इसे रोकने का अनुरोध किया था।

कैप्टन मीनू बेनिवाल ने सभी जिला ओलंपिक संघों, राज्य खेल संगठनों और जिला खेल अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों को तुरंत यह सूचना जारी करें। हथियारों का उपयोग या प्रदर्शन, हिंसा या अवैध गतिविधियां तथा इंटरनेट मीडिया पर अपमानजनक या भड़काऊ सामग्री किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने निर्देश दिए हैं कि हर जिले और खेल संस्था में साल में कम से कम एक बार अनिवार्य जागरूकता सत्र आयोजित हों, जिनमें खेल अनुशासन, कानूनी दायित्व, इंटरनेट मीडिया का जिम्मेदार उपयोग तथा खिलाड़ी की सार्वजनिक छवि और व्यवहारिक मर्यादा जैसे विषय शामिल रहें।
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