cy520520 • 2025-12-6 23:11:33 • views 565
जागरण संवाददाता, फतेहपुर। भाई की मिठाई की दुकान से घर जा रहे युवक पर पहले से घात लगाए हमलावर ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। दस साल बाद कोर्ट के फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर कुमार चतुर्थ ने वाद की अंतिम सुनवाई करते हुए युवक के ऊपर दोष सिद्ध करते हुए उम्रकैद की सजा और 45 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
सदर कोतवाली के अरबपुर मोहल्ला निवासी आजम खां उर्फ सबलू की हत्या 16 मई 2015 को कर दी गई थी। वादी मुकदमा दिवंगत के भाई अकबर खां ने बताया कि रात साढ़े नौ बजे हत्या करने वाला युवक दुकान आया था। उसका भाई दुकान से रात 10 बजे घर जा रहा था। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
तभी खाली प्लाट के पास मोहल्ले के रईश अहमद उर्फ बउवा ने भाई के ऊपर तमंचे से कई फायर कर दिए गए। जिससे वह खून से लतफत होकर जमीन मे गिर गया। सूचना मिली तो वह दुकान छोड़कर घटनास्थल पहुंचा। घायल भाई को लेकर वह जिला अस्पताल जा रहा था कि रास्ते में उसकी मौत हो गई।
पुरानी रंजिश के चलते रईश अहमद के द्वारा चलाई गई गोलियों से भाई की मौत हो गई। मुकदमे में अभियोजन पक्ष से जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार दुबे और सहायक शासकीय अधिवक्ता शिव किशोर वर्मा ने तर्क और साक्ष्य पेश किए। पूरी सुनवाई के दौरान नौ गवाहों को पेश किया। |
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