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खोया फोन? संचार साथी पोर्टल से पाएं वापस; ऐसे तुंरत होगी सुनवाई

deltin33 2025-12-1 02:37:42 views 774
  

संचार साथी पोर्टल से पाएं वापस; ऐसे तुंरत होगी सुनवाई (फाइल फोटो)



जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अगर मोबाइल फोन खो जाता है तो उसकी शिकायत पुलिस में करने के साथ संचार साथी पोर्टल पर जरूर करें। संचार मंत्रालय के इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने से फोन के वापस मिलने की संभावना काफी अधिक रहती है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

संचार साथी के माध्यम से हर महीने खोए हुए या चोरी हो गए फोन की रिकवरी की दर बढ़ती जा रही है। संचार मंत्रालय के मुताबिक इस साल अक्टूबर में संचार साथी की मदद से 50534 मोबाइल फोन रिकवर हुए जो इस साल जून में रिकवर हुए फोन की संख्या से 47 प्रतिशत अधिक है।
पोर्टल से क्या-क्या जानकारी मिल सकती है?

गत जून में संचार साथी पोर्टल की मदद से 34339 फोन की रिकवरी हुई थी। इस साल अगस्त में 45,243 फोन की रिकवरी हुई थी। मंत्रालय का दावा है कि इस पोर्टल की मदद से हर मिनट चोरी हो गए या खो गए एक मोबाइल फोन की रिकवरी हो रही है। इस पोर्टल पर सिर्फ चोरी हो गए खो गए मोबाइल फोन की शिकायत दर्ज कराने के अलावा और भी कई सुविधाएं हैं।

जैसे मोबाइल फोन धारक यह जान सकता है कि जिस फोन का वह इस्तेमाल कर रहा है वह कहीं चोरी का तो नहीं है। पोर्टल की मदद से यह भी जाना जा सकता है कि किसी व्यक्ति के नाम पर कितने सिम लिए जा चुके हैं। मंत्रालय का कहना है कि मोबाइल फोन धारक जब अपने फोन के चोरी होने या खोने की शिकायत पोर्टल पर दर्ज कराता है तो उसे ब्लाक कर दिया जाता है और जैसे ही उस फोन में कोई दूसरा सिम डाला जाता है, इसका अलर्ट पुलिस और शिकायतकर्ता दोनों को मिल जाता है।

महाराष्ट्र, तेलंगाना जैसे राज्यों में इस पोर्टल के माध्यम से भारी संख्या में फोन की रिकवरी हो रही है। मंत्रालय के मुताबिक पोर्टल की मदद से अब तक 42 लाख से अधिक मोबाइल फोन को ब्लाक किए जा चुके हैं। संचार साथी पोर्टल तो वर्ष 2023 में ही आरंभ हो गया था, लेकिन संचार साथी मोबाइल एप इस साल जनवरी में लांच किया गया।
कैसे ब्लॉक करा सकते हैं सीम?

मंत्रालय का कहना है कि कई बार लोग सेकेंड हैंड मोबाइल फोन की खरीदारी करते हैं तो उसकी सत्यता जांचने के लिए पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है। कई बार किसी व्यक्ति के नाम पर फर्जी तरीके से सिम आवंटित करा कर उसका इस्तेमाल गलत काम में किया जाता है।

इस प्रकार के मामलों में जिनके नाम पर सिम आवंटित है, पुलिस उनसे ही पूछताछ करती है और फर्जीवाड़े के लिए सिम मालिक को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है। ऐसे में संचार साथी पोर्टल पर आसानी से पता किया जा सकता है कि आपके नाम पर आपकी जानकारी के बिना कोई सिम आवंटित है या नहीं। अगर है तो आप उसे ब्लाक करवा सकते हैं।  

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