search

केवल कागजों में बनाईं कंपनियां, आगरा में 10 बोगस फर्मोंं ने किया 18.27 करोड़ का गोलमाल

Chikheang 2025-11-27 01:42:47 views 358
  

सांकेतिक तस्वीर।  



जागरण संवाददाता, आगरा। कागजों में 10 बोगस फर्में बनाकर करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) के गोलमाल को राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) विभाग ने पकड़ा है। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) में पंजीकृत फर्मों की लंबे समय तक एसजीएसटी ने रेकी की। बोगस फर्मों ने 18.27 करोड़ रुपये की हेराफेरी को पकड़ा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

बिना वास्तविक खरीद-फरोख्त के कागजों में कारोबार दिखाते हुए फर्मों ने आइटीसी पास आन की थी। विभाग ने सभी फर्मों के विरुद्ध लोहामंडी थाना में मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दी है, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एसजीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा ने लखनऊ मुख्यालय के निर्देश पर सीजीएसटी में पंजीकृत 10 फर्मों की रेकी जुलाई में शुरू की थी। जांच में पाया गया कि फर्में वास्तविक आपूर्ति के बगैर ही आइटीसी पास आन रही थीं। दो फर्मों महेश ट्रेडर्स और एसके संस ने आइटीसी पास आन नहीं की थीं।

अन्य आठ फर्मों हिमांशु इंटरप्राइजेज, जाधव ट्रेडर्स, दिनेश ट्रेडर्स, प्रकाश ट्रेडर्स, संकल्प ट्रेडिंग, सवराज ट्रेडर्स, मूनलाइट ट्रेडर्स और अंश ट्रेडर्स ने 18.27 करोड़ रुपये की आइटीसी पास आन की। जांच में फर्जीवाड़ा साबित होने के बाद एसजीएसटी विभाग द्वारा धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग कर विभाग को राजस्व पहुंचाने के मामले में लोहामंडी थाना में तहरीर दी थी।

अपर आयुक्त ग्रेड वन पंकज गांधी ने बताया कि बोगस फर्मों ने प्रदेश के बाहर दूसरे राज्यों में पंजीकृत फर्मों को भी आइटीसी पास आन कर अनुचित लाभ पहुंचाया है। आइटीसी ब्लाक करा दी गई है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि बोगस फर्मों के विरुद्ध पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं। विवेचना की जा रही है।

सात फर्मों के विरुद्ध कराया था मुकदमा


नवंबर के पहले सप्ताह में एसजीएसटी की तहरीर पर लोहामंडी थाना में 15.38 करोड़ रुपये की फर्जी आइटीसी पास आन करने पर ओम ट्रेडर्स, श्रीराम ट्रेडर्स, आरएस ट्रेडर्स, बालाजी ट्रेडर्स, आकाश ट्रेडर्स, सिंह ट्रेडर्स और पीके ट्रेडर्स के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। यह सभी फर्में भी सीजीएसटी में पंजीकृत थीं।


क्या है आइटीसी पास आन करना

एक फर्म माल की खरीद पर जो कर चुकाती है, वह फर्म का आइटीसी होता है। मान लेते हैं कि फर्म से 100 रुपये की खरीद पर 18 रुपये का कर बना। इस माल को फर्म ने 200 रुपये में बेच दिया, जिस पर 36 रुपये कर बना। बिक्री पर बने 36 के कर में से खरीद पर बने 18 रुपये के कर को काटना ही आइटीसी समायोजन कहलाता है। 36 रुपये को आइटीसी पास आन कहते हैं। बिना वास्तविक आपूर्ति के केवल फर्जी बिल जारी कर दिया जाता है।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
150087

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com