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बाहरी दिल्ली की सड़कों पर डस्ट से नहीं मिल रही है राहत, राहगीर उड़ती धूल फांकते आ रहे नजर

deltin33 2025-11-23 18:07:31 views 1267
  

बाहरी दिल्ली में लोग उड़ती धूल फांकते आ रहे नजर।



संवाद सहयोगी, बाहरी दिल्ली। बाहरी दिल्ली की कई सड़कों पर उड़ती धूल प्रदूषण बढ़ाने के साथ ही राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बन रही है। मुख्य कंझावला रोड पर बेगमपुर लालबत्ती से कराला चौक तक सड़क पर पड़ी मिट्टी से उड़ती धूल से के बीच बाइक सवार का निकलना मुश्किल हो रहा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

डिवाडर के साथ और पेड़-पौधों पर जमी धूल की परत से साफ पता चल रहा है कि सड़क पर नियमित रूप से सफाई नहीं हो रही है। जिससे सड़क किनारे मिट्टी व रेत जमी हुई है। जो वाहनों के गुजरते ही उड़ने लगती है। ऐसे में राहगीरों के साथ-साथ सड़क किनारे दुकानदारों और ग्राहकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

यह केवल एक सड़क मार्ग की स्थिति नहीं है। बल्कि रोहतक रोड पर भी कुछ ऐसे ही हालात हैं। जहां राजधानी पार्क मेट्रो स्टेशन से टीकरी बार्डर तक सड़क पर हर समय धूल उड़ती रहती है। वहीं, जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन से मुकरबा चौक तक धूल-मिट्टी राहगीरों को परेशानी कर रही है। इसके साथ ही भलस्वा लैंडफिल साइट के पास नाले के किनारे सड़क पर मिट्टी का ढ़ेर लगा हुआ है। यहां से धूल न उड़े, स्माग गन से पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
धूल फांकते हुए, स्कूल तक पहुंचते हैं सैकड़ों छात्र

सुल्तानपुरी टर्मिनल से रोहिणी सेक्टर-22 तक जाने वाली सड़क पर हर समय धूल उड़ती बाहरी दिल्ली की सड़कों पर उड़ती धूल से नहीं मिल रही है राहतरहती है। इस सड़क से होकर सैकड़ों की संख्या में बच्चे रोजाना तीन स्कूलों तक धूल फांकते हुए पहुंचते हैं। डीडीए की इस सड़क पर न तो पानी का ही छिड़काव होता है और नहीं साफ-सफाई ही हो रही है। जिसकी वजह से वाहन चालक व आसपास के दुकानदारों की मुसीबत लगातार बनी हुई है। सड़क की हालत जर्जर होने की वजह से ठीक से सड़क की सफाई नहीं हो पा रही है।
बाहरी दिल्ली में एक्यूआइ 400 के पार

दिल्ली में लगातार प्रदूषण का स्तर चिंता का विषय बना हुआ है। शनिवार को बाहरी दिल्ली के विभिन्न इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 400 के पार दर्ज किया गया। जो गंभीर श्रेणी में माना जाता है। बावजूद इसके सड़क पर नियमित सफाई न होने की वजह से धूल प्रदूषण का स्तर बढ़ने का कारण बनता हुआ नजर आ रही है। ऐसे में दिल्ली सरकार द्वारा ग्रेप-3 के नियम लागू होने के बावजूद लोगों की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही।


मैं कंझावला रोड से प्रतिदिन गुजरता हूं। जहां इतनी मिट्टी उड़ती है कि सांस लेना भी दुश्वार हो चुका है। मजबूरन मुझे मुंह ढक कर यहां से गुजरना पड़ता है। यहां नियमित सफाई हो, तो शायद यह स्थिति न हो। - शुभम, राहगीर

रोहतक रोड पर टीकरी बार्डर से आसपास इतनी धूल उड़ती है कि वहां से निकलना मुश्किल हो जाता है। एक तरफ दिल्ली में प्रदूषण बढ़ रहा है और दूसरी ओर यह सड़कों पर पड़ी सबसे बड़ी मुसीबत बनी हुई है। जिसकी वजह से काफी दिक्कत होती है। - नरेंद्र, राहगीर
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