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अफगानिस्तान की मदद के लिए आगे आया भारत, काबुल से दिल्ली और अमृतसर के लिए कार्गो उड़ान सेवा की घोषणा

LHC0088 2025-11-22 01:38:14 views 889
  

अफगानिस्तान की मदद के लिए आगे आया भारत (फाइल फोटो)



जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पाकिस्तान से अपने तनावपूर्ण संबंध होने की वजह से सारे कारोबारी रिश्ते खत्म कर चुके अफगानिस्तान को भारत ने हरसंभव मदद करने की पेशकश की है। अफगानिस्तान के उत्पादों को भारत के बाजार में शीघ्र पहुंचाने के लिए भारत की तरफ से शीघ्र ही काबुल से दिल्ली और काबुल से अमृतसर के बीच कार्गो उड़ान सेवा शुरू करने की घोषणा की गई है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

साथ ही दोनों देशों के बीच यह सहमति बनी है कि एक दूसरे के यहां वाणज्यिक राजनयिक की नियुक्ति करेंगे। इस बात की घोषणा विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पीएआइ-पाक, अफगान व ईरान) आनंद प्रकाश ने पीएचडी चैंबर की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में दी।
अजीजी ने क्या कहा?

कार्यक्रम का आयोजन भारत के दौरे पर आए अफगानी वाणिज्य व उद्योग मंत्री नुरूद्दीन अजीजी के स्वागत में किया गया था। अपने भाषण में अजीजी ने भारतीय कंपनियों को अफगानिस्तान में निवेश करने के लिए तो आमंत्रित तो किया ही साथ ही वर्ष 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद वहां से पलायन कर भारत आये सिखों व हिंदुओं को अफगानिस्तान लौट चलने का आग्रह किया।

अजीजी ने कहा कि अफगान की सरकार वापस लौटने वाले सभी ¨हदुओं और सिखों का स्वागत करेगी और उन्हें पूरी मदद देगी। भारतीय कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए अजीजी ने कहा कि, “हम युद्ध से तंग आ चुके हैं। हम किसी भी देश से दुश्मनी नहीं चाहते। हम भारतीय कंपनियों से अफगान के फार्मा, टेक्सटाइल व चावल उद्योग में निवेश करने का आग्रह करते हैं।

साथ ही अफगानिस्तान के पास बहुमूल्य धातुओं का बहुत बड़ा भंडार है जिसमें भारतीय कंपनियों की जरुरत है। हम भारत सरकार से आग्रह करेंगे कि वह चाबहार पोर्ट से कारोबारी रूट को बनाये रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए।\“\“ पाकिस्तान के साथ बेहद खराब संबंध होने की वजह से तालिबान सरकार के लिए चाबहार पोर्ट ही एकमात्र रूट बचा है जिसके जरिए अफगानिस्तान दूसरे देशों से कारोबार कर सकता है।
जयशंकर से की मुलाकात

भारत ने इसी मंशा से इस पोर्ट का निर्माण भी किया है लेकिन ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध की वजह से इस पोर्ट की संभाव्यता को लेकर विश्व बिरादरी का भरोसा नहीं बन पाता।अजीजी पांच दिवसीय भारत यात्रा पर आये हैं। एक दिन पहले उन्होंने अपने अधिकारियों के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ मुलाकात की थी।

इस बैठक में भी कारोबारी संबंधों के सहयोग पर विस्तार से बात हुई है। सोमवार को अजीजी वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से भी मुलाकात करेंगे जिसमें दोनों देशों के बीच आपसी कारोबार बढ़ाने के भावी रोडमैप पर विमर्श किया जाएगा। अफगानिस्तान के वाणिज्य मंत्री की सबसे बड़ी मांग यह है कि भारत के साथ कार्गो सेवा की शुरुआत हो सके।
अफगानिस्तान में दवाओं की किल्लत

इसके पीछे अफगानी उत्पादों को भारतीय बाजार में पहुंचाने से ज्यादा जरूरी चीजों की आपूर्ति भारत से सुनिश्चित करानी है। अभी पाकिस्तान ने अपनी सीमा पूरी तरह से बंद कर दी है जिसकी वजह से अफगानिस्तान में कई खाद्यान्नों के अलावा दवाओं की भी किल्लत है।

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