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खादी मंडप में देखने को मिल रहा प्रधानमंत्री के विजन का भारत

cy520520 2025-11-20 06:06:17 views 787
  





खादी मंडप में देखने को मिल रहा प्रधानमंत्री के विजन का भारत  

-खादी कारीगरों की भागीदारी के लिए यहां लगाए गए हैं 150 स्टाल  

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली : भारत मंडपम में चल रहे 44वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में इस बार खादी मंडप भी आकर्षण का केंद्र है। मंडप में पूरा भारत समाया है। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की थीम पर आधारित इस मंडप में देश के कोने-कोने की पहचान परिलक्षित हो रही है। यहां वह सब कुछ देखने को मिलता है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अभियान ‘आत्मनिर्भर भारत’ एवं ‘वोकल फार लोकल’ से जुड़ने के लिए प्रेरित करता है।  विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें



हाल नंबर छह में खादी संस्थानों और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत स्थापित इकाइयों और देश भर से स्फूर्ति क्लस्टर के तहत स्थापित इकाइयों के माध्यम से खादी कारीगरों की भागीदारी के लिए यहां 150 स्टाल लगाए गए हैं। इनमें दस्तकारी, खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है। मंडप में स्थापित देसी चरखा, पेटी चरखा, विद्युत चालित कुम्हारी चाक और कच्ची घानी तेल निकालने की प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन भी देखा जा सकता है।  



खादी इंडिया मंडप का विशेष आकर्षण इस वर्ष स्थापित किया गया पाडकास्ट स्टूडियो ‘बात खादी की’ है। इस स्टूडियो में कारीगर अपनी यात्रा, संघर्ष, उपलब्धियों और परंपरागत कला की कहानियां स्वयं अपनी आवाज में साझा कर रहे हैं। मंडप में वस्त्र, प्रसाधन सामग्री, ग्रामीण खाद्य पदार्थ, प्राकृतिक सौंदर्य उत्पाद, घरेलू हस्तशिल्प, बांस एवं बेंत आधारित सामग्री और पारंपरिक नक्काशीदार कलाकृतियां विशेष रूप से आगंतुकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। जम्मू-कश्मीर की पश्मीना शाल और कश्मीरी परिधान भी प्रमुख आकर्षण में शामिल हैं। राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश के स्वदेशी उत्पादों-जैसे पारंपरिक मिठाइयां, अचार, मुरब्बा, हस्तनिर्मित वस्तुएं और ग्रामीण खाद्य सामग्री ने भी दर्शकों में रुचि उत्पन्न की है। दक्षिण भारत की कांचीपुरम सिल्क साड़ियां, आंध्र प्रदेश की लकड़ी की नक्काशी, झारखंड की प्राकृतिक स्किनकेयर शृंखला और दिल्ली, हरियाणा और पंजाब की खादी एवं हैंडलूम आधारित फैशन रेंज पवेलियन की विविधता को और समृद्ध बना रही हैं। प्राकृतिक शहद, आर्गेनिक हर्बल-टी, आयुर्वेदिक मेकअप और पारंपरिक इत्र जैसे उत्पादों ने खादी और ग्रामोद्योग की आधुनिक उपयोगिता और बढ़ती स्वीकार्यता को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया है। पूर्वोत्तर राज्यों की भागीदारी भी मंडप की उल्लेखनीय विशेषता रही, जहां बांस और बेंत से बने पर्यावरण अनुकूल उत्पादों, जैसे-पानी की बोतल, मंदिर के लैंप, पेन स्टैंड, बैग, चटाइयां और अन्य उपयोगी वस्तुओं ने आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं।



यहां पाएं केमिकल रहित प्राकृतिक उत्पाद

खादी मंडप में उवर्रता वेलनेस नाम की छोटी सी स्टाल पर दो युवतियां केमिकल रहित प्राकृतिक उत्पाद प्रदर्शित कर रही हैं। यहां ऐसा नमक उपलब्ध है, जो गर्म पानी में मिलाकर उसमें पैर भिगोने से थकान मिट जाती है। देसी घी लिप बाम सूखे और फटे होठों को प्राकृतिक रूप से ठीक करके मुलायम बनाता है। स्टाल संचालिका यशप्रीत कौर ने बताया कि उनके पास घर में ही बनाए हुए असरकारी उत्पाद हैं, जो शरीर का दर्द दूर करते हैं और त्वचा को बेहतर बनाते हैं।



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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 11 वर्षों में खादी सबसे विश्वसनीय ब्रांड बन चुका है। खादी और ग्रामोद्योग का कारोबार एक लाख 70 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। इस दौरान दो करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। मंडप में 40 प्रतिशत से अधिक स्टाल ‘खादी’ निर्माण से जुड़ी संस्थाओं को आवंटित हैं। शेष स्टाल में ग्रामोद्योग, पीएमइजीपी और स्फूर्ति की इकाइयों के उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है।

-मनोज कुमार, अध्यक्ष, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग
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