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Trump Tariff के बीच घाटा झेल रहे MSME की बड़ी मांग, वित्त मंत्री के साथ बजट पूर्व चर्चा में STT कम करने सहित उठे ये 10 मुद्दे

deltin33 2025-11-19 01:37:31 views 681
  

वित्त मंत्री के साथ बजट पूर्व चर्चा में STT कम करने सहित उठे ये 10 बड़े मुद्दे।



जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सिर्फ अमेरिका को निर्यात पर निर्भर रहने वाले छोटे और मझोले उद्यमियों ने सरकार से अतिरिक्त मदद मांगी है। वित्त मंत्री के साथ बजट पूर्व चर्चा (Pre Budget Meeting 2026-27) के दौरान एमएसएमई ने कहा कि कई ऐसे छोटे उद्यमी है जो सिर्फ अमेरिका में निर्यात करते हैं। अमेरिका की तरफ से 50 प्रतिशत का शुल्क लगाने (Trump Tariff) के बाद लेदर आइटम, आटो कंपोनेंट्स, अपैरल जैसे आइटम के निर्यात में 10-30 प्रतिशत की गिरावट आई है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

देश के कुल निर्यात में भी एमसएमई का योगदान 25 प्रतिशत से अधिक है। एमएसएमई ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बजट में उनकी मैन्यूफैक्चरिंग लागत को कम करने के उपाय की घोषणा करने की गुजारिश की। उन्होंने मैन्यूफैक्चरिंग के लिए मिलने वाले लोन पर तीन से पांच प्रतिशत तक की छूट देने के लिए कहा।

सरकार ने हाल ही में निर्यात प्रोत्साहन के लिए एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन की मंजूरी दी है, लेकिन अभी इस मिशन में मिलने वाले लाभ व उसे लागू होने की समय सीमा को लेकर तस्वीर साफ नहीं है।
बजट पूर्व चर्चा में उठी ये 10 बड़ी मांगे

  • एमएसएमई सेक्टर की मांगें
  • अतिरिक्त सरकारी मदद और निर्यात सहायता
  • मैन्युफैक्चरिंग लागत कम करने के उपाय
  • गुणवत्ता नियमों में छूट
  • टेक्नोलॉजी मिशन लॉन्च
  • आसान कर्ज पहुंच
  • तकनीकी उन्नयन के लिए विशेष फंड
  • बाजार पहुंच बढ़ाना
  • सिक्युरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) में कमी
  • घरेलू निवेशकों के लिए शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स में राहत

गुणवत्ता नियम में भी छूट की उठी मांग

फेडरेशन आफ इंडियन माइक्रो एंड स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज (फिस्मे) के महासचिव अनिल भारद्वाज ने बताया कि बजट मांग पर चर्चा के दौरान एमएसएमई ने विभिन्न आइटम के लिए लागू किए गए गुणवत्ता नियम में भी छूट देने की मांग की गई। अभी 773 आइटम पर गुणवत्ता नियम लागू करने का एलान किया गया है और यह इनमें से 191 आइटम पर यह नियम लागू हो गया है।

एमएसएमई का कहना है कि इनमें से आधे आइटम कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल होते हैं और गुणवत्ता नियम लागू होने पर इनकी घरेलू सप्लाई बाधित हो सकती है। इससे उनका निर्माण कार्य प्रभावित होगा। एमएसएमई ने कहा है कि जिन सेक्टर में या जिन आइटम के उत्पादन की घरेलू क्षमता नहीं है, उन सेक्टर को गुणवत्ता नियम से छूट मिलनी चाहिए। वित्त मंत्री से एमएसएमई के लिए एक टेक्नोलाजी मिशन लांच करने की मांग की गई। क्योंकि सूक्ष्म और छोटे उद्यमी नई टेक्नोलाजी को अपनाने में हिचकते हैं। इससे उनकी लागत बढ़ती है। इस काम में सरकारी मदद की मांग की गई है।

  
एसटीटी को कम करने की मांग

बाजार विशेषज्ञों ने वित्त मंत्री के साथ बजट पूर्व चर्चा में सिक्युरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) को कम करने के साथ घरेलू निवेशकों के लिए शार्ट टर्म लाभांश टैक्स को कम करने की मांग की है। अभी घरेलू निवेशकों के लिए शार्ट टर्म लाभांश (डिविडेंड) पर 42 प्रतिशत तक का टैक्स लगता है जबकि विदेशी नागरिक को शार्ट टर्म लाभांश पर 20 प्रतिशत का ही टैक्स देना पड़ता है।

  

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