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माओवादी मादवी हिडमा का कैसे हुआ खात्मा? इनटेल अफसर ने ऑपरेशन का किया खुलासा

LHC0088 2025-11-18 20:38:14 views 694
  

सुरक्षा बलों ने किया हिडमा का खात्मा।  



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कुख्यात माओवादी नेता मादवी हिडमा एक खुफिया ऑपरेशन के दौरान एनकाउंटर में मारा गया। आंध्र प्रदेश में माओवादी गतिविधियों पर कई दिनों तक कड़ी नजर रखने के बाद सुरक्षा बलों ने यह कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने सही मौके का इतंजार किया और आज कार्रवाई पूरी कर ली है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

यह एनकाउंटर आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना से सटी सीमाके पास अल्लूरी सीतारामाराजू जिले के मारेदुमिल्ली के जंगल में हुआ। इस मुठभेड़ में 6 विद्रोहियों के साथ-साथ हिडमा भी मारा गया। हिडमा की पत्नी राजे और उसके चार साथी भी घटनास्थल पर मृत पाए गए। इन लोगों ने सुरक्षा बलों और नागरिकों पर कम से कम 26 बार हथियारों से हमले किए थे।
अफसर ने किया ऑपरेशन का खुलासा

खुफिया जानकारी पर आधारित इस अभियान का नेतृत्व कर रहे आंध्र प्रदेश के एडीजी इंटेलिजेंस महेश चंद्र लाढ़ा ने कहा कि यह सफलता तब मिली जब खुफिया जानकारी मिली कि माओवादी नेता अपने आंदोलन को पुनर्जीवित करने के प्रयास में आंध्र प्रदेश में घुस आए हैं।

लाढ़ा ने कहा, “पिछले एक-दो दिनों में हमें एक विशेष खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ शीर्ष माओवादी नेता आंध्र प्रदेश में प्रवेश कर रहे हैं और वे आंदोलन को पुनर्जीवित करने की योजना बना रहे हैं।“

उन्होंने आगे कहा, “इन लोगों पर लगातार नजर रखते हुए हमने सही मौके का इतंजार किया और आज पूरी कार्रवाई की जा रही है। यह भी खबर है कि कुछ माओवादी मुठभेड़ वाली जगह से भाग गए हैं, तलाशी अभियान अभी जारी है। उम्मीद है कि हम उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लेंगे।“
हथियारों का जखीरा बरामद

सुरक्षाकर्मियों ने घटनास्थल से हथियारों और उपकरणों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। लाढ़ा ने कहा, “हमने कुछ हथियार और गोला-बारूद बरामद किए हैं, खासकर एके-47, एक पिस्तौल, एक रिवॉल्वर, एक सिंगल बोर हथियार और अन्य सामग्री, किट बैग वगैरह। शव को स्थानांतरित किया जा रहा है, पोस्टमार्टम प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा और उसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।“
कौन था हिडमा?

1981 में तत्कालीन मध्य प्रदेश के सुकमा में जन्मे हिडमा ने पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी की एक बटालियन का नेतृत्व किया और सीपीआई माओवादी की शीर्ष निर्णायक संस्था, सेंट्रल कमेटी के सबसे कम उम्र का सदस्य बना। वह केंद्रीय समिति में बस्तर क्षेत्र से एकमात्र आदिवासी सदस्य था। हिडमा पर 50 लाख रुपये का इनाम था।

हिडमा की कई बड़े माओवादी हमलों में भूमिका थी। इनमें 2010 में दंतेवाड़ा में हुआ हमला शामिल है, जिसमें 76 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे और 2013 में झीरम घाटी में हुआ घात लगाकर किया गया हमला, जिसमें शीर्ष कांग्रेस नेताओं सहित 27 लोग मारे गए थे।

यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़: सुकमा में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में एक नक्सली ढेर
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