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जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सफेदपोश आतंकवादी मॉड्यूल पर तेज की कार्रवाई, मेवात से मौलवी गिरफ्तार

Chikheang 2025-11-13 10:37:24 views 1081
  

दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट के मामले में, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मेवात से मौलवी इश्तियाक अहमद को गिरफ्तार किया है।  



राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट और जैश-ए-मोहम्मद व अंसार गजवातुल हिंद के सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल के बीच संबंध की जांच कर रही जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा के मेवात से एक मौलवी इश्तियाक अहमद को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आतंकी डॉ. मुजम्मिल की बहन और श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर समेत दो अन्य करीबी रिश्तेदारों से भी पूछताछ की गई है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

मुजम्मिल की बहन ने बांग्लादेश से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की है। एक अन्य महिला डॉक्टर की भी तलाश की जा रही है, जबकि बांग्लादेश से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद खाड़ी देश में बस गईं दो महिला डॉक्टरों की पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है। बुधवार को कश्मीर में 50 से अधिक डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के सदस्यों से पूछताछ की गई। सूत्र बताते हैं कि जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवातुल हिंद के सफेदपोश मॉड्यूल की जांच भी एनआईए को सौंपी जा सकती है।

आधिकारिक तौर पर इस मामले में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय के लगभग 52 अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई है। आतंकी मॉड्यूल में शामिल अधिकांश डॉक्टर विश्वविद्यालय में पढ़ाते थे। सूत्रों के अनुसार, आरिफ, यासिर, मकसूद, इरफान और ज़मीर को सबसे पहले श्रीनगर में गिरफ्तार किया गया था।

उनकी जानकारी के आधार पर, कांजीगुंड के डॉ. आदिल राथर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया। डॉ. मुजम्मिल अहमद, डॉ. सज्जाद और एक अन्य कश्मीरी डॉक्टर को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया। ये सभी कश्मीरी हैं। डॉ. परवेज को लखनऊ से और एक महिला डॉ. शाहीन को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया। अल-फलाह विश्वविद्यालय के चार लैब टेक्नीशियनों को भी गिरफ्तार किया गया है, जबकि पुलवामा के तारिक, आमिर और उमर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

सूत्रों ने बताया कि श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल में तैनात और दक्षिण कश्मीर के निवासी डॉ. तजम्मुल से भी पूछताछ की गई। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया। डॉ. आदिल राथर के एक करीबी डॉक्टर की भी तलाश की जा रही है। डॉक्टर का मोबाइल फोन बंद है, लेकिन पुलिस ने उसका लैपटॉप और कुछ अन्य सामान जब्त कर लिया है। सूत्रों ने बताया कि बांग्लादेश से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करने वाली विदेश में रहने वाली दो से तीन महिला डॉक्टरों की भी पहचान की गई है। डॉक्टर डॉ. उमर और डॉ. मुजम्मिल के संपर्क में थी।

इश्तियाक शोपियां के मौलवी इरफान के भी संपर्क में था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मेवात से गिरफ्तार मौलवी इश्तियाक अहमद अल-फलाहा विश्वविद्यालय में कई डॉक्टरों और छात्रों के संपर्क में था और उनके साथ धार्मिक आयोजनों में भाग लेता था। वह यहां गिरफ्तार किए गए शोपियां के मौलवी इरफान अहमद के भी संपर्क में था और कई बार कश्मीर आ चुका था।

उसने कुछ स्थानीय मौलवियों, खासकर युवा मौलवियों को हरियाणा के नूंह में एक सम्मेलन में आमंत्रित भी किया था। बताया जा रहा है कि मौलवी इश्तियाक अहमद और मौलवी इरफान अहमद से उनके विदेशी संबंधों की पहचान के लिए श्रीनगर में पूछताछ की जा रही है।

20 साल से अल फलाह मस्जिद में रह रहे थे मौलवी इश्तियाक

अल फलाह यूनिवर्सिटी मस्जिद के इमाम मौलवी इश्तियाक दो महीने पहले अपनी मां से मिलने हरियाणा के नूंह स्थित अपने पैतृक गांव सिंगार आए थे। करीब 20 साल से वह अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ मस्जिद परिसर के पास एक कमरे में रहते थे।

फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गांव में उनका तीन कमरों का मकान था। उन्होंने एक कमरा डॉ. मोहम्मद मुजम्मिल को किराए पर दिया था, जहां से पुलिस ने 2,563 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया था। मौलवी इश्तियाक के चार भाई हैं। इनमें से दो, मुबीन और सद्दाम, गांव के मौलवी हैं। मौलवी इश्तियाक उसी गांव में मतदाता हैं।

लोगों ने बताया कि वह कभी-कभार अपनी मां से मिलने आते थे। वह चुनाव के दौरान वोट डालने भी आए थे। बिछौर थाने के थाना प्रभारी जसबीर ने बताया कि मौलवी इश्तियाक की जांच जारी है।
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