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अमेरिकी मरीजों का डाटा बेचने के दो आरोपी जमानत पर रिहा, गाजियाबाद पुलिस ने 17 सितंबर को किया था गिरफ्तार

Chikheang 2025-10-28 18:28:54 views 1101
  



जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। अमेरिका के बीमार नागरिकों का डाटा विदेशी हेल्थ कंपनियों बेचने के मामले में कोर्ट ने सोमवार को दो आरोपितों की जमानत पर रिहा कर दिया। इस मामले में क्रासिंग रिपब्लिक पुलिस ने 17 सितंबर को 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपित साफ्टवेयर डेवलपर के नाम से रजिस्ट्रेशन कराकर फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। आरोपित आठ वर्ष में 38.4 करोड़ रुपये का डाटा बेच चुके थे।

आर्बिट प्लाजा में वर्ष 2018 से फर्जी काल सेंटर संचालित हो रहा था। पुलिस ने कॉल सेंटर संचालक मनीष उर्फ मोनू, हिमांशु वर्मा , प्रकाश सिंह नेगी सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपितों ने वर्ष 2021 में नेशनल कंप्यूटर एकेडमी (एनसीए) में रजिस्ट्रेशन कराया था। साफ्टवेयर और गेम डेवलप करने के नाम से रजिस्ट्रेशन कराया गया था, जबकि सेंटर के बाहर यूनिहेल्थ केयर सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड लिखा हुआ था। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

आरोपित वीसी डायलर साफ्टवेयर से अमेरिकी नागरिकों को कनेक्ट करते थे। कॉल सेंटर के सदस्य खुद को अमेरिका की हेल्थ सर्विस कंपनी हेल्थ वैलनेस, जेनेटिक सर्विस आदि का प्रतिनिधि बनकर फर्जी नाम लेकर बात करते थे। अमेरिकी नागरिकों को हेल्थ सर्विस मुहैया कराने का भरोसा देकर उनका डाटा लेते थे। अमेरिकी नागरिकों से उनकी बीमारी का नाम, उनकी आयु, वजन, लंबाई, नाम, निवास स्थान, आर्थिक स्थिति आदि की जानकारी लेते थे।

इसके बाद इस डाटा को अमेरिका में बैठे टानी और जैक नाम के व्यक्ति को बेच देते थे। हिमांशु वर्मा और प्रकाश सिंह नेगी की ओर से कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। आरोपितों की ओर से कहा गया कि वह कॉल सेंटर में नौकरी करते थे। उन्हें झूठा फंसाया गया है। उनके खिलाफ साक्ष्य नहीं मिला है। जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से जमानत का विरोध किया गया। अपर एवं जिला सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार ने आरोपित प्रकाश सिंह नेगी और हिमांशु वर्मा को एक-एक लाख बंध पत्र के साथ जमानत पर रिहा कर दिया।
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